ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल लागू होगा
शिमला, ब्यूरो रिपोर्ट
इस साल का पहला चंद्रग्रहण तीन मार्च को लगेगा। ग्रहण के 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाएगा जिसमें सभी मांगलिक कार्य वर्जित होंगे। चंद्रग्रहण की शुरूआत मंगलवार दोपहर 3:20 बजे से होगी और शाम को 6:46 बजे समापन होगा। वहीं सूतक काल नौ घंटे पहले सुबह 6:20 बजे शुरू होगा। साल का पहला चंद्रग्रहण है जो सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में जगह बनाएगा।
यह चंद्रग्रहण पूरे भारत में दिखाई देने वाला है। इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ गया है.। गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश नौटियाल ने बताया कि भारतीय समयानुसार वर्ष के पहले चंद्रग्रहण की अवधि 3 घंटे 27 मिनट होगी। तीन मार्च को लगने वाले चंद्रग्रहण के सूतक काल में शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं।
इस दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं ताकि पूजा करने वाले लोग भगवान की प्रतिमा और शुभ चिह्नों को स्पर्श न कर सकें। बताया कि इस समय खाना पकाना या भोजन करना भी वर्जित होता है। इसमें पूजा, हवन यज्ञ और नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। सूतक काल से पहले अपने घर में मौजूद तरल पदार्थों जल, दूध, घी, तेल, अचार, शहद में कुशा और तुलसी डालना अच्छा होता है।
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