वोट देने से रोकने के आ*रोप के बाद बढ़ा त*नाव।
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
शहर से सटी मैहली पंचायत में शनिवार सुबह मतदान के दौरान कुछ मतदाताओं को वोट देने से रोक दिया गया। कुछ प्रत्याशियों के समर्थकों का आरोप था कि इनके वोट फर्जी हैं। नेपाल मूल के रहने वाले चार लोग वोट डालने के लिए मतदान केंद्र पर पहुंचे थे।इनके वोट को लेकर समर्थक आपस में उलझने लगे। हालात तनावपूर्ण होने के बाद मतदान केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने भी इन्हें मतदान करने से रोक दिया।
इसके बाद इनके मतदाता पहचान पत्रों की जांच की गई जो सही पाए गए। मतदाता सूची में इनके नाम चेक किए गए। सूची में भी इनके नाम दर्ज पाए गए। इन लोगों ने कहा कि वह मूल रूप से नेपाल के हैं लेकिन कई साल से इसी पंचायत में रह रहे हैं। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने जिला प्रशासन को इसकी शिकायत दी। कुछ प्रत्याशियों के समर्थक आपत्ति जता रहे हैं जिससे विवाद बढ़ सकता है। पूछा कि इस बारे में क्या नियम है, क्या वोट डालने की अनुमति दी जा सकती है।
एडीसी सचिन शर्मा ने तुरंत पुलिस की टीम मौके पर भेजी। साथ ही बताया कि यदि मतदाता सूची में नाम दर्ज हैं और मतदाता पहचान पत्र भी बने हैं तो इन लोगों को वोट देने का अधिकार है। यदि किसी को इनके वोट पर आपत्ति है तो इन्हें पहले दर्ज करवाना चाहिए था। पहले मतदाता सूचियों पर आपत्तियां मांगी गई हैं। यदि उस दौरान इनके नाम नहीं कटे हैं तो अब इन्हें वोट देने से नहीं रोका जा सकता। मौके पर पहुंची पुलिस ने इन लोगों के वोट सुनिश्चित करवाए।जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों की मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने उपायुक्त कार्यालय परिसर में कंट्रोल रूम स्थापित किया है। यहां रविवार को चुनाव नतीजे सबसे पहले आएंगे। सभी विकास खंडों के मुख्यालयों पर रविवार को मतगणना होनी है। इसकी सारी जानकारी उपायुक्त कार्यालय परिसर में बनाए कंट्रोल रूम में पहुंचेगी।

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