कैबिनेट बैठक में विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 30 अहम फैसलों पर लगी मुहर।
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों की ओर से अलग-अलग कारणों से पहले अस्वीकृत किए गए करुणामूलक नियुक्ति के मामलों पर पुनर्विचार करने को मंजूरी दी। एकमुश्त विशेष उपाय के रूप में सबसे वाजिब अस्वीकृत मामलों की दोबारा जांच की जाएगी तथा आवश्यक छूट प्रदान की जाएगी। मंत्रिमंडल ने सरकारी भूमि पर कुछ अतिक्रमणों के लिए नियमितीकरण नीति-2026 को मंजूरी दी।
यह नीति उन भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों के मानवीय सरोकार को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जो आवासीय, कृषि एवं बागवानी उद्देश्यों के लिए सरकारी भूमि पर कब्जे में हैं। मंत्रिमंडल ने उन किसानों के लिए कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का निर्णय लिया, जिनकी भूमि नीलामी के खतरे में है। इसके तहत राज्य सरकार पात्र किसानों के तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज देनदारी का 50 प्रतिशत वहन करेगी। इससे प्रदेश के 6,356 किसानों को लाभ मिलेगा। मंत्रिमंडल ने भर्ती निदेशालय के अंतर्गत वर्क इंस्पेक्टर के 400 पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के 300 तथा चतुर्थ श्रेणी मल्टी टास्क वर्करों के 250 पद भरने की स्वीकृति दी गई।इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 200 स्टाफ नर्सों की भर्ती को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 162 पद भरने का निर्णय लिया, जिनमें 76 ऑपरेशन थिएटर सहायक, 36 रेडियोग्राफर तथा 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-2 के पद शामिल हैं। राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न विभागों के 75 सहायक प्रोफेसरों के पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई।मंत्रिमंडल ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के छह नामित प्रोफेसरों को पात्रता प्राप्त करने के लिए आवश्यक अवधि से 6 से 20 दिन कम होने के कारण एकमुश्त विशेष छूट देने का निर्णय लिया।

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