साक्षी ने रचा इतिहास, सबसे कम उम्र की जिला परिषद सदस्य बनीं
काँगड़ा,ब्यूरो रिपोर्ट
जिला परिषद सभागार धर्मशाला में सोमवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान 21 वर्षीय साक्षी चर्चा का केंद्र रहीं। जिला परिषद के रियाली वार्ड से जीत हासिल करने वाली साक्षी इस बार की सबसे कम उम्र की सदस्य हैं। चुनाव के दौरान गर्भवती होने के बावजूद उन्होंने अपने हौसले को कम नहीं होने दिया और अपने परिवार व समर्थकों के साथ डटकर प्रचार अभियान चलाया।
साक्षी ने अपनी जीत का श्रेय अपने ससुर, पति और क्षेत्रवासियों को दिया। उन्होंने बताया कि वह चुनाव लड़ने के कतई पक्ष में नहीं थीं, क्योंकि उनके मायके या ससुराल में कभी किसी ने राजनीति में कदम नहीं रखा था। साक्षी कहती हैं, ‘जब गांववासियों ने मेरे ससुर से कहा कि वे मुझे चुनाव लड़वाना चाहते हैं तो मैंने पहले मना कर दिया था। लेकिन ससुर और पति के भरोसे ने मुझे हिम्मत दी और मैंने चुनाव लड़ने के लिए हामी भर दी।’चुनाव प्रचार के दौरान उनके पति और ससुर ने उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रचार किया।
चुनाव परिणाम के दिन को याद करते हुए साक्षी भावुक हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि नतीजे आने तक वह काफी घबराई हुई थीं, लेकिन जैसे ही जीत की सूचना मिली उन्हें लगा कि उनके परिवार और गांववासियों की मेहनत सफल हो गई। पद ग्रहण करने के बाद साक्षी ने स्पष्ट किया कि उनके वार्ड में पानी की गंभीर समस्या है, जिसे सुलझाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। इसके अलावा, वह अपने क्षेत्र की अन्य मूलभूत समस्याओं के निराकरण के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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