Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

स्कूल समय के बाद जनगणना ड्यूटी से शि*क्षकों का इं*कार, ब*हिष्कार का ऐलान

                                      शिक्षकों ने अतिरिक्त समय में जनगणना कार्य करने पर जताई आपत्ति

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश के शिक्षकों ने स्कूल समय के बाद जनगणना ड्यूटी लगाए जाने के निर्णय का विरोध किया है। ज्वाइंट टीचर्स फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि यह आदेश वापस नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर के शिक्षक जनगणना कार्य का बहिष्कार करेंगे। यह निर्णय चंबा, कुल्लू और हमीरपुर जिलों के उपायुक्तों द्वारा जारी निर्देशों के बाद आया है। फेडरेशन ने इसे शिक्षा और कर्मचारी हितों के विरुद्ध बताया है। 

फेडरेशन के राज्य अध्यक्ष अजय नेगी सहित अन्य पदाधिकारियों ने एक वर्चुअल बैठक के बाद वीरवार को संयुक्त बयान जारी किया।शिक्षकों पर परीक्षा संचालन, मूल्यांकन और ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि जैसे अन्य प्रशासनिक कार्यों का भी लगातार दबाव है। ऐसे में विद्यालय समय के बाद जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य का अतिरिक्त दायित्व सौंपना अव्यावहारिक और अनुचित है। पदाधिकारियों ने कहा कि पूरे दिन अध्यापन कार्य के बाद जनगणना कार्य करवाना शिक्षकों की कार्यक्षमता को प्रभावित करेगा। इससे शिक्षा की गुणवत्ता और जनगणना कार्य की प्रभावशीलता दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।प्रदेश के अनेक शिक्षक दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत हैं। विद्यालय समय समाप्त होने के बाद जनगणना कार्य के लिए अतिरिक्त यात्रा करना उनके लिए कठिन होगा। 

इससे परिवहन, सुरक्षा, स्वास्थ्य और पारिवारिक दायित्वों से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न होंगी। विशेष रूप से महिला शिक्षकों के लिए यह व्यवस्था अधिक चुनौतीपूर्ण होगी। उन कर्मचारियों को भी परेशानी होगी जिन पर छोटे बच्चों या बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी है।फेडरेशन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का हवाला दिया। नीति का मूल उद्देश्य शिक्षकों को अधिकतम समय शिक्षण कार्य के लिए उपलब्ध करवाना है। न्यायालयों और विभिन्न शैक्षिक समितियों ने भी शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने पर जोर दिया है। ऐसे में विद्यालय समय के बाद अतिरिक्त प्रशासनिक कार्यों का बोझ डालना शिक्षा सुधार के प्रयासों के विपरीत है। यह शिक्षकों को उनके मुख्य दायित्व से भटकाएगा।

Post a Comment

0 Comments

नगर निगम मेयर को शपथ दिलाने में देरी पर हाईकोर्ट सख्त