Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

पपरोला होली मेले में हुई राजनीति,लोगो ने किया हंगामा :किशोरी लाल

बैजनाथ (रितेश सूद)
जिला स्तरीय होली मेला पपरोला के समापन अवसर पर जमकर हंगामा हुआ,और भाजपा के विधायक मुलख राज प्रेमी और प्रशासन के सामने मुर्दाबाद के नारे लगे,जो कि शासन प्रशासन की नालायकी को दर्शाता है । यह बात बैजनाथ के पूर्व कांग्रेस विधायक किशोरी लाल ने कही। उन्होंने कहा कि पपरोला होली में जिस प्रकार राजनीति की गई है,जिस कारण कुछ लोगो ने नाराज होकर अपना गुस्सा जाहिर किया। 
उन्होंने कहा कि उनको लोगो ने बताया कि होली के समापन अवसर पर कमेटी ने अपने चेहतों को ईनाम दे दिए,और अन्य लोगो के साथ भेदभाव किया। इसके अलावा झांकीया बनाने वालों के साथ भी भेदभाव किया गया और अपनी चेहतों की झांकीयो को प्रथम पुरस्कार दे दिया गया,जबकि बाकी झांकी बनाने वालों के साथ भेदभाव किया गया,उन्होंने कहा कि जिन लोगो ने झांकीया बनाने के लिए मेहनत की,उन लोगो को होली कमेटी द्वारा बहुत कम पैसे दिए गए। जबकि दो सांस्कृतिक संध्या में लाखों रुपए कलाकारों को बांट दिए गए। उन्होंने कहा पपरोला की होली काफी प्रसिद्ध है और यहां पर बनाई जाने वाली झांकीयो में लोग खूब मेहनत करते है,और प्रशासन को झांकीयो के लिए दिए जाने वाले पैसो में बढ़ोतरी करनी चाहिए थी,ताकि आने वाले समय मे यह लोग और अधिक मेहनत से झांकीया बनाने में अपना सहयोग देते। 
उन्होंने कहा कि पपरोला होली मेले को पूर्ण रूप से पार्टी का मेला बना दिया गया था,उन्होंने कहा कि होली मेले के अंतिम दिन अवैरी से आई एक झांकी का चालान कर दिया गया, और झांकी के संचालक ने भी भाजपा विधायक और प्रशासन के सामने स्टेज पर ही अपना गुस्सा जाहिर किया,जिसके बाद होली कमेटी के विरुद्ध नारेबाजी भी हुई,जिसके तुरंत बाद वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया,और वहां से भाजपा के विधायक और एसडीएम चले गए। जबकि उस समय वहां पर भाजपा के विधायक को चाहिए था,कि वह पूरे मामले की जानकारी लेते और मौके पर समस्या का हल करते। अगर भाजपा के विधायक ने मौके पर इस समस्या को सुन लिया होता और वहां से भागते नही तो यह बात वही समाप्त हो जानी थी। उन्होंने कहा कि वहीं नाराज झांकी संचालकों ने अपने अपने स्मृति चिन्ह होली कमेटी को वापस कर दिए,उन्होंने कहा कि व्यापारीयो  में इस बात का भी रोष है कि होली कमेटी ने बाजार में निकाली जा रही झांकीयो के समय ही एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन कर दिया गया। जिस कारण व्यापारी वर्ग उस संध्या में नही जा सका।उन्होंने कहा कि व्यापारीयो ने उन से शिकायत की है कि उन्होंने होली कमेटी को आर्थिक तौर पर पूरा पूरा सहयोग किया लेकिन उस पैसे का दुरुपयोग किया गया है।

Post a Comment

0 Comments

आखिर क्यों राशन डिपुओं से हुई चीनी गायब