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राज्य स्तरीय होली महोत्सव पालमपुर छोड़ गया खट्टी मीठी यादे

 सन्नी ,पालमपुर
दो साल के कोरोना काल के बाद अब चार दिवसीय पालमपुर होली महोत्सव को लेकर जनता में उत्साह देखते ही बनता था। पालमपुर और साथ लगते इलाके से भारी संख्या में लोग शहीद विक्रम बत्रा मैदान पहुचे। पहली संध्या को मैदान और बाजार  में ज्यादा भीड नही थी सब सामान्य था लोगो ने स्टार गायक विक्की चौहान का लुफ्त ऊठाया वही पहले दिन साउंड सिस्टम को लेकर कुछ कमियां सामने आई जिनको हालांकि दूसरे दिन कर लिया  गया। दूसरे दिन बाजार ओर  ग्राउंड में  भीड़ बड़ी ट्रैफिक कर्मचारियों ने बाखूभी अपनी ज़िमेदारी निभाई और ट्रैफिक ब्यबस्था दरुस्त रही वही कुलदीप शर्मा ने भी अपने गानों से समा बांधा और दर्शकों को खूब मनोरंजन किया।
अब तीसरा दिन था जिस दिन होली खेली जानी थी सवेरे प्रशासन द्वारा गांधी मैदान में होली खेलने का कार्यक्रम रखा सभी ने होली खेलने का लुत्फ उठाया। यह एक स्थान पर होली खेलने का अधिकारियों का फैसला प्रशंसा योग्य था । जिसमे  अधिकारियों सहित भाजपा और कांग्रेस के नेता एक पदाधिकारी पहुचे जैसे कि होली भाईचारे की प्रतीक है ऐसा ही नजारा यहाँ देखने को मिला।
 
अब शाम को झांकिया निकलने का समय था वही तीसरी स्टार नाईट भी पंजाबी सिंगर निंजा आज गाने वाले थे मैदान खचाखच भरा था। उस मुकाबले पुलिस बल तैनात नही था। यातायात व्यवस्था भी चरमरा चुकी थी। पालमपुर कुछ देर के लिए जाम हो चुका था काफी लोग मैदान में भी नही पहुँच पाए और रास्ते से ही वापिस जाना उचित समझा वही ग्राउंड में भी हालत बेकाबू होते दिखे ।वही चौथी संध्या में पुलिस बल मैदान में बड़ा दिया गया व्यवस्था दुरुस्त की गई । चौथी संध्या में युवराज हंस में अपने गाने प्रस्तुत किये और इस तरह चार दिवसीय होली मेले का समापन हुआ। लेकिन युवराज गाने कम गाये ओर बाते ज्यादा की जिसको लेकर लोगों मायूस दिखे।

राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी 
मैदान में वीआईपी  के साथ साथ शुरुआती कुर्सियों की दीर्घा में कब्जा जमाने मे हावी रहे शायद वहा बैठने की होड़ जोरो पर थी। जिसके चलते उनके अपने ही नाखुश दिखे शायद इस होड़ में अपने ही नजरअंदाज हुए।

कुछ सिनियर कलाकार हुये मायूस

सिनियर गायको को पहले अपनी प्रस्तुतियां देने को कहा गया 
जो बात निकल कर सामने आई कि कुछ गायक 6 से 7 बजे के बीच ही अपनी प्रस्तुति देनी पड़ी। हालांकि उस समय मैदान में ज्यादा भीड़ नही होती है और नए कलाकारों को उनके बाद प्रस्तुति करवाई गई जिससे पंडाल में बैठे लोगों में यह चर्चा का विषय बना।

कलाकारों को ठहराने की व्यवस्था पर उठी उंगली

चार सांकृतिक संध्या चार स्टार गायक लेकिन हिमाचली गायको को  एक गेस्टहाउस में सामान्य कमरे दिए गए। वहीं पंजाबी गायको को शानदार होटल में ठहराया गया। यह पता लगने पर गायको के फैन नाखुश दिखे। उनका कहना था कि अगर चारो गायक स्टार नाईट में गाएंगे तो सभी को होटल की शानदार सुभिधाएँ मिलनी चाहिए थी ताकि इसके मन मे भेदभाव न आये।

अधिकारी दिखे बेबस

प्रशासनिक अधिकारी भी राजनीति के आगे बेबस दिखे ज्यादातर समय खड़े हो कर ही ब्यबस्था को संभालते दिखे कभी कुर्सी मिली तो सही नही को खड़े होकर ही स्टार नाईट का लुत्फ लिया।

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