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मेधावी छात्र और डेडिकेटेड शिक्षक होंगे सम्मानित

                                          कार्यप्रणाली हो दुरुस्त,डिजिटाइजेशन पर दें जोर

धर्मशाला,रिपोर्ट नेहा धीमान 

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को हर वर्ष सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में दसवीं और बारहवीं कक्षा में शिक्षा बोर्ड के टॉपर्स को मेडल देकर सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को बोर्ड स्कॉलरशिप तो देता ही है लेकिन एक कार्यक्रम आयोजित कर टॉपर्स को बोर्ड द्वारा अच्छे मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पूरे सर्मपन भाव से वर्ष भर बच्चों को अच्छे से पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाना चाहिए।

बैठक में शिक्षा मंत्री द्वारा बोर्ड की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। उन्होंने शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों से उनके कार्यों का ब्योरा लेते हुए, शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली को दुरुस्त करने के सुझाव दिए। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं और सुझावों को सुनते हुए उनपर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का हित प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के कर्मचारियों के सभी विषयों पर गंभीरता से विचार कर, उनका समाधान किया जाएगा।

रोहित ठाकुर ने कहा कि बोर्ड की कार्यप्रणाली में दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग कर डिजिटाइजेशन पर जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेपर्स सेट करने से लेकर परीक्षाओं के आयोजन तक तकनीक का उपयोग पर बल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों में पारदर्शिता रखने और नकल पर नियंत्रण रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा हर कंेद्र में हो और उनका कंट्रोल सेंटर बोर्ड में स्थापित किया जाए। इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव शिक्षा आशीष बुटेल ने अधिकारियों को बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर कार्य करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश शिक्षा बोर्ड की विश्वसनीयता इसी प्रकार बनी रहे इसके लिए पूर्ण निष्ठा से कर्मचारी काम करें। 

उन्होंने कहा स्कूलों में बच्चों को पढ़ाए जाने वाली पुस्तकें और अन्य सामग्री की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए।बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष और उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों की सुविधा के लिए आने वाले समय में सारे प्रमाण पत्रों को डिजिलॉकर से जोड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इससे जहां बच्चों को अपने सर्टिफिकेटस् सुरक्षित रखने में सहायता होगी, वहीं भविषय में उच्च शिक्षा या नौकरी के समय में डिजिलॉकर से प्राप्त किए प्रमाण पत्रों के सत्यापन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त भी तकनीक की सहायता से कार्यप्रणाली को सुगम बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।





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