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जिला ऊना में हाकोर्ट के आदेशों के बाद भी 65 फीसदी स्कूलों में नहीं लग रही बायोमीट्रिक हाजिरी

      इस कारण अध्यापकों और स्कूल के अन्य स्टाफ को रजिस्टर पर ही हाजिरी दर्ज करनी पड़ रही है

ऊना,रिपोर्ट अविनाश चौहान 

 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद जिला ऊना के 65 फीसदी सरकारी स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों से कर्मचारियों की हाजिरी नहीं लग पा रही हैं। इस कारण अध्यापकों और स्कूल के अन्य स्टाफ को रजिस्टर पर ही हाजिरी दर्ज करनी पड़ रही है। कारण है बायोमीट्रिक मशीनों का खराब होना। कई मशीनें अब मरम्मत योग्य नहीं रहीं और न ही उनके स्थान पर नई मशीनें स्थापित हो सकी हैं।जानकारी के अनुसार जिला ऊना में करीब 500 प्राथमिक स्कूलों के अलावा करीब 700 माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं। हाईकोर्ट के आदेशों के तहत सरकारी स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी को अनिवार्य किया गया है। इसके लिए कोरोना काल से पहले ही स्कूलों में मशीनें स्थापित कर दी गईं थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण करीब दो साल तक स्कूल बंद रहे और मशीनों का इस्तेमाल नहीं हो पाया।

इससे मशीनें खराब हो गईं और कइयों में सॉफ्टवेयर अपडेट की शिकायतें आने लगीं। मगर स्कूल खुलने के बाद भी मशीनों की स्थिति में सुधार नहीं आया। मौजूदा शैक्षणिक सत्र के आठ माह बीतने के बावजूद प्राथमिक स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। खराब मशीनों को खंड शिक्षा कार्यालयों में भेज दिया गया, लेकिन नई मशीनें नहीं स्थापित हो सकीं।जिला ऊना के प्राथमिक स्कूलों में मशीनें ठीक हैं, वहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है। अध्यापकों को मोबाइल के इंटरनेट कनेक्ट करने के बाद उपस्थिति दर्ज करनी पड़ रही हैं। उधर, जिला प्राथमिक अध्यापक संघ ने अध्यक्ष राकेश शर्मा, महासचिव सत्येंद्र मिन्हास ने बताया कि बायोमीट्रिक हाजिरी लगाने में अध्यापकों को कोई परेशानी नहीं, लेकिन मशीनें अच्छी हालत में होनी चाहिए। ज्यादातर स्कूलों में मशीनें खराब हैं। विभाग को सूचित किया है, लेकिन नई मशीनें नहीं मिलीं। ऐसे में रजिस्टर पर ही हाजिरी लगाई जा रही हैं। कहा कि राहत यह है कि वेतन अभी रजिस्टर पर दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही जारी होता है।जिला प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा उपनिदेशक देवेंद्र चंदेल ने कहा कि स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों से जुड़ी व्यवस्था को सुधारा जा रहा है। जो मशीनें मरम्मत के लायक नहीं बचीं हैं, उनके स्थान पर नई मशीनें लगाई जाएंगी। इसके साथ ही इंटरनेट से जुड़ी समस्या को लेकर भी उच्चाधिकारियों से चर्चा की जाएगी।




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