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हांगकांग और सिंगापुर में प्रतिबंध के बीच हिमाचल में बने आठ मसालों के सैंपल फेल

                                                           सैंपल अलग-अगल जिलों से लिए गए थे

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

हांगकांग और सिंगापुर में भारतीय मसालों में कीटनाशक का अधिक प्रयोग होने पर लगाए प्रतिबंध के बीच प्रदेश में आठ सैंपल फेल हो गए हैं। सैंपल अलग-अगल जिलों से लिए गए थे। विभाग की ओर से कंपनियों को नोटिस जारी कर 30 दिन में जवाब मांगा है। बताया जा रहा है कि तीन सैंपल लेबल और अन्य चीजें न होने के कारण फेल हुए हैं। जबकि पांच सैंपल भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। बीते माह सैंपल खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से सैंपल भरे गए थे। जांच के लिए चंडीगढ़ समेत दूसरे राज्यों की लैब में भेजा गया था।

 सैंपलों में एथीलिन ऑक्साइड़ की मात्रा न के बराबर है।गौर रहे कि हांगकांग और सिंगापुर में भारतीय मसालों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। दो नामी मसाला निर्माता कंपनियों के मसालों में जांच के बाद कीटनाशक के प्रयोग होने की अधिक मात्रा पाई गई थी। मसालों में कीटनाशक एथीलिन ऑक्साइड का मिश्रण था। कीटनाशक पाए जाने पर बाहरी देशों ने प्रतिबंध लगाने के बाद भारत में भी इसकी जांच शुरू हुई। एफएसएसएआई ने देश में भी मसालों की जांच करवाने के लिए सैंपल के आदेश दिए। प्रदेश में भी सैंपलों को भरा गया। सोलन, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर समेत अन्य जगहों में मसाला निर्माता कंपनियां है। जो अलग-अलग मसालों का निर्माण करती हैं।


 यहां से सैंपल भरे थे।जानकारों के अनुसार कार्सिनोजेनिक गुणों से भरपूर एथीलिन ऑक्साइड को पेस्टिसाइड के रूप में मसालों में प्रयोग किया जाता है। इसकी कुछ मात्रा ही निर्धारित की गई है। इसका मात्रा से अधिक प्रयोग नहीं किया जा सकता, लेकिन बाहरी देशों में भारतीय मसालों में कीटनाशक की निर्धारित मात्रा से अधिक होने का आरोप लगा था। मसालों में इसकी अधिकता ब्रेस्ट कैंसर के खतरे का कारण बनने लगती है। अत्यधिक सेवन ब्रेन और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचाने लगता है।प्रदेश में मसालों के 115 सैंपल भरे गए थे। इसमें से अभी तक 38 सैंपलों की रिपोर्ट आ गई है, जिसमें से आठ सैंपल फेल हुए हैं। जबकि 30 सैंपल पास हो गए हैं। विभाग की ओर से अभी भी मसालों पर नजर बनाई हुई है और सैंपल लेकर जांच करवाए जा रहे हैं।




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