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अब पीड़ितों को इलाज के लिए नहीं पड़ेगा भटकना

                                                                    अब आपदा स्थल पर मिलेगा इलाज

बिलासपुर,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अब पीड़ितों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट भीष्म के तहत एम्स बिलासपुर को दो अत्याधुनिक भीष्म क्यूब मिले हैं। 

इनकी कीमत 6 करोड़ रुपये है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने पहले एक क्यूब देने की घोषणा की थी, लेकिन अब उन्होंने दो क्यूब भेजे हैं। सोमवार को इनकी खेप एम्स पहुंची।किसी भी तरह की आपदा के दौरान लोगों को सही समय पर मौके पर इलाज देने के लिए केंद्र ने इस प्रोजेक्ट के तहत बिलासपुर एम्स को जोड़ा है। दावा है कि प्रोजेक्ट से जुड़ने वाला बिलासपुर एम्स देश का पहला स्वास्थ्य संस्थान है। भीष्म क्यूब अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किए गए हैं। इन्हें हेलिकॉप्टर या अन्य साधनों से सीधे आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचाया जाएगा। मौके पर पहुंचते ही आठ से दस मिनट में अस्पताल तैयार कर घायलों का इलाज शुरू किया जा सकेगा। इसमें माइनर ऑपरेशन थिएटर, एक्स-रे, वेंटिलेटर, ब्लड सैंपल जांच और अन्य आपातकालीन सुविधाएं मौजूद होंगी।


हिमाचल में बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ या अन्य आपदाओं के दौरान अब रास्ते बंद होने की स्थिति में भी पीड़ितों को समय पर इलाज मिल सकेगा। इस योजना के तहत एम्स के डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे आपदा स्थल पर पहुंचकर तेजी से चिकित्सा सुविधा दे सकें। भीष्म प्रोजेक्ट शुरू होने से आपदा के दौरान होने वाली मौत के आंकड़ों में भी कमी आएगी।भीष्म क्यूब मोबाइल अस्पताल है। इसे तेजी से आपदा स्थल पर पहुंचाया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बॉक्स ऊंचाई से गिराने पर भी नहीं टूटते और न ही पानी का इन पर असर पड़ता है। इसे हेलिकॉप्टर, ट्रक या दूसरे माध्यमों से आपदा प्रभावित इलाकों तक ले जाया जाएगा। वहां तुरंत अस्पताल स्थापित कर इलाज शुरू किया जाएगा।




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