हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (EC) ने दी मंजूरी
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश विवि (एचपीयू) और इससे संबद्ध कॉलेजों से पढ़ाई महंगी हो गई है। शनिवार को आयोजित एचपीयू की कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में यूजी और पीजी की फीस में 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। अब नए सत्र से फीस बढ़ोतरी लागू होगी।
एचपीयू का दावा है कि फीस में 12 साल बाद वृद्धि की गई है, लेकिन छात्र संगठनों का कहना है कि ईसी ने यह फैसला लेकर विवि और कॉलेजों से पढ़ाई कर रहे करीब एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं पर आर्थिक बोझ डाला है। वीसी प्रो. महावीर सिंह की अध्यक्षता में ईसी की बैठक हुई। इसमें विवि की वित्तीय स्थिति और संसाधनों की जरूरत को देखते हुए उन सभी कोर्सों की फीस 10 से 15 फीसदी बढ़ाने का फैसला किया गया, जिनमें 2014 से बाद बढ़ोतरी नहीं की गई थी। वहीं, ईसी ने सभी कोर्सों के परीक्षा शुल्क में 50 फीसदी और हॉस्टल फीस में 10 से 15 फीसदी बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी है। ईसी की बैठक में हवाला दिया गया कि लगातार बढ़ते खर्च और सीमित संसाधनों के चलते अब विवि के सामने वित्तीय दबाव की स्थिति बनी हुई है, ऐसे में फीस बढ़ाना आवश्यक हो गया है।
ईसी ने अलग-अलग विवि की फीस संरचना का जिक्र करते हुए कहा कि उनका मौजूदा फीस स्ट्रक्चर हिमाचल प्रदेश विवि की तुलना में काफी अधिक है।फीस में 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद अब बीए की फीस 5500 रुपये सालाना हो जाएगी। अभी बीए की फीस 1800 से 5000 रुपये के बीच है। बीसीए की फीस अभी 30 हजार सालाना है, जो बढ़ोतरी के बाद करीब 33,000 हजार रुपये हो जाएगी। सभी कोर्सों में अभी परीक्षा शुल्क 1200 रुपये तय है, जो बढ़कर 1600 हो गया है।ईसी ने सात सहायक प्रोफेसरों के पद भरने को भी मंजूरी दी है। लंबे समय से खाली पड़े इन पदों के कारण कई विभागों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही गैर शिक्षक की भर्ती के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। छात्रों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए नई बस खरीदने को भी मंजूरी दी गई है।


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