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ज्वालामुखी में तेंदुए का खू@नी खेल: दिनदहाड़े बाड़े में घुसकर 13 जानवरों को बनाया शि#कार

                                   दहशत में ग्रामीण: तेंदुए के हमले में 13 जानवरों की मौत, 12 लापता

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल डेस्क। पहाड़ की दुर्गम चोटियों पर भेड़-बकरियों के साथ जीवन बिताने वाले गद्दी समुदाय के लिए इस बार का प्रवास किसी बुरे सपने में बदल गया। ज्वालामुखी के चकबन कालीधार क्षेत्र में एक आदमखोर तेंदुए ने दिनदहाड़े उस वक्त कहर बरपाया, जब भेड़पालक अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे।

 महज़ कुछ ही मिनटों के भीतर, एक शिकारी ने एक परिवार की साल भर की मेहनत और आजीविका को लहूलुहान कर दिया।यह हादसा तब हुआ जब भेड़पालक हुकम चंद और उनके साथी डेरे से कुछ दूर पानी लेने गए थे। सन्नाटे का फायदा उठाकर तेंदुए ने बाड़े में घुसकर कत्लेआम मचा दिया। शिकारी जानवर ने बेरहमी से हमला करते हुए 25 मेमनों को अपना निशाना बनाया। 13 मेमने मौके पर मृत पाए गए। 12 मेमने जंगल में गायब हैं (जिनके बचने की उम्मीद न के बराबर है) और 5 मेमने गंभीर रूप से जख्मी हैं, जिनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है।पीड़ित हुकम चंद ने भारी मन से बताया कि वे बैजनाथ स्थित अपने घर लौटने की योजना बना रहे थे।

सारा सामान सिमट चुका था, बस दो-तीन दिन का इंतजार था। लेकिन इस हमले ने उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और विभाग हरकत में आ गए हैं। गुम्मर पंचायत की पूर्व प्रधान शिमला देवी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और वन विभाग से तत्काल आर्थिक सहायता की मांग की।थाना प्रभारी संदीप पटियाल और नाजर सिंह की टीम ने मौके का मुआयना कर गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। वन विभाग और पशुपालन विभाग ने संयुक्त रूप से नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार कर ली है, ताकि मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जा सके।




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