माकपा ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई, कहा– सच्चाई सामने लाए सरकार
सोलन,ब्यूरो रिपोर्ट
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी ने सरकार के उच्च अधिकारी पर चेस्टर हिल सोलन और हिमाचल में कथित भूमि घोटाले के गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने चेतावनी दी है अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की तो पार्टी प्रदेश सरकार सचिवालय छोटा शिमला का घेराव करेगी।
माकपा नेता संजय चौहान व राकेश सिंघा ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदेश में रियल एस्टेट के नाम पर भू माफिया सक्रिय है और सरकार में कुछ उच्च अधिकारी इनके साथ मिलकर व्यापक भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि चेस्टर हिल घोटाले में प्रदेश सरकार के उच्च अधिकारी की संलिप्तता हैं। अधिकारी पर राजस्व सचिव रहते हुए भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे तथा वह गिरफ्तार तक हो चुके हैं। उच्च अधिकारी की संपत्ति में पिछले कुछ वर्षों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश व पंजाब में जो भी संपत्तियां खरीदी हैं, करोड़ों रुपयों की ये संपत्तियां कौड़ियों के भाव खरीदी गई हैं। इसमें भारी भ्रष्टाचार है। चेस्टर हिल घोटाले में नगर निगम सोलन आयुक्त एवं मंडल एसडीएम व तहसीलदार की दो जांचों को दरकिनार करके उच्च अधिकारी द्वारा क्लीन चिट देने से स्पष्ट हो गया है कि इस मामले में बड़ी गड़बड़ी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसका स्पष्ट नाता नौकरशाही, ठेकेदारों,रियल एस्टेट व राजनीतिज्ञों से गठजोड़ है। इस गठजोड़ के कारण प्रदेश में बेनामी सौदे भी हो रहे हैं। गरीब किसानों की जमीनों को कौड़ियों के भाव हड़पा जा रहा है। धारा 118 को पूर्व की भाजपा व वर्तमान कांग्रेस सरकार ने लगातार कमजोर किया है ताकि भू माफिया व रियल एस्टेट के जरिए भारी कमीशनखोरी व जमीनें हड़पने का कार्य किया जा सके। धारा 118 को कमजोर करके व इसे हाशिए पर धकेल कर प्रदेश व किसानों के हितों से खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की खामोशी कई प्रश्न खड़ा कर रही है। जनता में यह संदेश जा रहा है कि इस माफिया राज को सरकार का आशीर्वाद प्राप्त है। पार्टी ने चेताया है कि अगर इन घोटालों पर लगाम न लगी तो सीपीआईएम जनता को लामबंद करके सड़कों पर उतरेगी।


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