पंचायतीराज संस्थाओं में बढ़ेगा महिला नेतृत्व, 12709 सदस्य चुने जाएंगे
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज संस्थाओं में इस बार 31,214 पदों पर चुनाव होने जा रहे हैं। इस बार पंचायतीराज संस्थाओं में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का दबदबा रहेगा। प्रदेश में 15,656 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। 1900 महिलाओं के हाथ प्रधानी रहेगी। वहीं, पंचायत सदस्य के लिए 12,709, पंचायत समिति सदस्य 919 और जिला परिषद सदस्य के लिए 128 महिलाओं को चुना जाना है।
प्रदेश में पंचायत प्रधान के 3,758 पदों में से 453 पद अनुसूचित जाति (एससी) के लिए, 508 पद एससी महिलाओं के लिए, 138 पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए तथा 151 पद एसटी महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 116 और ओबीसी महिलाओं के लिए 146 पद निर्धारित किए गए हैं। प्रधान पदों में कुल 1,095 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि 1,151 पद अनारक्षित श्रेणी में आते हैं। कुल मिलाकर 1,900 पद महिलाओं के हिस्से में गए हैं।उपप्रधान के 3,758 पदों पर किसी भी प्रकार का आरक्षण लागू नहीं किया गया है। सभी पद अनारक्षित रखे गए हैं, जिससे इस वर्ग में सीधी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।ग्राम पंचायत सदस्य स्तर पर सबसे अधिक 21,678 पद हैं। इनमें 1,813 पद एससी, 3,811 एससी महिलाओं, 504 एसटी, 982 एसटी महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
इस श्रेणी में महिलाओं के लिए कुल 7,916 पद आरक्षित किए गए हैं, जबकि 6,652 पद अनारक्षित हैं। कुल मिलाकर 12,709 पद महिलाओं के लिए निर्धारित हैं।पंचायत समिति सदस्य के 1,769 पदों में 207 एससी, 253 एससी महिला, 61 एसटी, 70 एसटी महिला, 53 ओबीसी और 72 ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हैं। इस स्तर पर 524 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं और 529 पद अनारक्षित हैं। कुल 919 पद महिलाओं के हिस्से में आए हैं।जिला परिषद सदस्य के 251 पदों में 29 एससी, 35 एससी महिला, 10 एसटी, 13 एसटी महिला, 8 ओबीसी और 11 ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हैं। यहां 69 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि 76 पद अनारक्षित हैं। कुल 128 पद महिलाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं।

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