विधि, महत्व और पूजन के नियम जानकर करें व्रत, मिलेगी सुख-समृद्धि
शिमला, ब्यूरो रिपोर्ट
हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस वर्ष यह व्रत 27 अप्रैल सोमवार को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 26 अप्रैल को शाम 6:06 बजे शुरू हो जाएगी। वहीं इसका समापन 27 अप्रैल को शाम 6:15 बजे होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार मोहिनी एकादशी का व्रत 27 अप्रैल को रखा जाएगा।
मोहिनी एकादशी की पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:43 बजे से सुबह 5:28 बजे तक रहेगा। मंदिरों में भी विशेष पूजा होगी। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:11 से दोपहर 1:02 बजे तक रहेगा। व्रत का पारण दूसरे दिन 28 अप्रैल को किया जाएगा। एकादशी पारण के लिए शुभ समय सुबह 6:12 बजे से सुबह 8:46 बजे तक रहेगा।
पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय शाम 6:51 बजे तक रहेगा। पंडित ने बताया कि एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के अंदर करना जरूरी होता है। इसी दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया था। समुद्र मंथन से अमृत कलश निकला था जिसे पाने के लिए देवता और दानव में विवाद हो गया था। तब भगवान विष्णु ने मोहिनी नाम की स्त्री का रूप धारण कर के दानवों को मोहित कर लिया था। फिर विष्णु ने उनसे अमृत भरा कलश लेकर देवताओं के हवाले कर दिया था जिसे पीकर सभी देवता अमर हो गए थे।

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