Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

बेनामी लेनदेन पर सख्ती: प्रमोटर और डेवलपर पर 35-35 लाख का जुर्माना

                                                वित्तीय अनियमितता का मामला: दो पक्षों पर लाखों का दंड

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने सोलन के चेस्टर हिल्स-2 और 4 प्रोजेक्ट में बेनामी लेनदेन, वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रमोटर हंसराज ठाकुर और डेवलपर मैसर्स चेस्टर हिल्स पर 35-35 लाख का जुर्माना लगाया है। सोलन के उपायुक्त को जांच कर जल्द रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई 5 जून को होगी। रेरा ने प्रमोटर और डेवलपर के बीच संयुक्त विकास समझौते  को रद्द करने से इन्कार कर दिया है। 

स्पष्ट किया कि डीसी से भू स्वामित्व और धारा 118 के अनुपालन पर अंतिम रिपोर्ट मिलने तक प्रोजेक्ट रिकॉर्ड में बदलाव न करें।रेरा के अध्यक्ष आरडी धीमान और सदस्य विदुर मेहता की पीठ ने निर्देश दिया है कि डेवलपर और भू मालिक जुर्माने की राशि 30 दिन में रेरा फंड में जमा करवाएं, वरना कड़ी कार्रवाई होगी। रेरा ने चिंता जताई कि बार-बार याद दिलाने पर भी सेक्शन 118 के मामलों पर रिपोर्ट नहीं मिली। संयुक्त जांच में पाया है कि दोनों प्रोजेक्ट्स में एक ही प्रमोटर है और दोनों में समान आरोप हैं। रेरा ने डीसी को दोनों प्रोजेक्ट्स की 30 दिन में रिपोर्ट सौंपने का अंतिम रिमाइंडर जारी किया है।निर्माण में बड़े पैमाने पर खामियों और डेविएशन के लिए आर्किटेक्ट और इंजीनियर पर कार्रवाई के लिए रेरा ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को पत्र लिखा है। गलत वित्तीय रिपोर्ट दाखिल करने के लिए संबंधित सीए पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के कब्जा सौंपने और आवश्यक सेवाओं की कमी पर प्रमोटर से जवाब तलब किया गया है।नगर निगम सोलन और शहरी, नगर एवं ग्राम योजना के निदेशक से रेरा ने जवाब तलब किया है।

नगर निगम को प्रोजेक्ट में पाई गई कमियों पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। इसके साथ ही निदेशक (शहरी विकास) और निदेशक (नगर एवं ग्राम योजना) को भी मामले की जांच कर अपनी टिप्पणी देने के निर्देश दिए गए हैं।जांच में सामने आया कि प्रमोटर ने रेरा एक्ट की धारा 4(2)(1)(डी) का उल्लंघन किया। आवंटियों से प्राप्त राशि का 70% अलग बैंक खाते में जमा करना जरूरी है, जिसका उपयोग निर्माण और भूमि की लागत के लिए हो सकता है। ऑडिट में खुलासा हुआ कि प्रमोटर ने प्रोजेक्ट्स के फंड मिला दिए, जिससे धन के सही उपयोग का सत्यापन करना संभव नहीं। एसडीएम सोलन की रिपोर्ट के आधार पर रेरा ने टिप्पणी की कि ढांचा बेनामी लेनदेन जैसा लगता है। भू मालिक हंसराज को फ्रंट (मुखौटा) के रूप में इस्तेमाल किया, नियंत्रण और व्यावसायिक लाभ गैर-कृषकों के पास था, जिन्होंने धारा 118 में अनुमति नहीं ली। रेरा ने राज्य सरकार और डीसी से स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है।प्रमोटर को आदेश दिया है कि वह प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति का ब्लॉक-वार विवरण, कॉमन सुविधाओं का स्टेटस और आवंटियों से ली राशि का ब्योरा पेश करे। प्रमोटर को स्पष्ट करना होगा कि जनता से जुटाए पैसे का उपयोग कहां और कैसे किया। यह जानकारी निर्धारित प्रारूप में सीए द्वारा प्रमाणित करवाकर देनी होगी।

Post a Comment

0 Comments

कांगड़ा में चालक से लूट@पाट, चाकू से हम@ला कर जंगल में फेंका; टैक्सी लेकर फ@रार आरोपी गिरफ्तार