सरकारी मेहमाननवाज़ी पर भारी खर्च: ठहराव में 4.86 करोड़, वाहनों पर 1.65 करोड़ रुपये
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
झंडूता क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्योरा के छात्रों और उनके परिजनों ने परीक्षा परिणामों में हुई गड़बड़ी को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। स्कूल शिक्षा बोर्ड की फॉरेंसिक जांच में टेंपरिंग की पुष्टि होने के बाद परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बिलासपुर परिधि गृह में आयोजित प्रेसवार्ता में छात्रों और उनके माता-पिता ने बताया कि परीक्षा केंद्र झंडूता में था। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाएं कुछ समय तक स्कूल में ही रहीं और बाद में बोर्ड को भेजी गईं। परिणाम घोषित होने पर विशेष रूप से ड्राइंग विषय में छात्रों को असामान्य रूप से कम अंक मिले, जिससे सभी हैरान रह गए। शिकायत के बाद बोर्ड की फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह सामने आया कि उत्तर पुस्तिकाओं में टेंपरिंग की गई थी। परिजनों का कहना है कि इस गड़बड़ी के कारण कई मेधावी छात्र मेरिट सूची से बाहर हो गए हैं।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जिस परीक्षा केंद्र पर परीक्षा आयोजित हुई, वही एग्जामिनेशन कलेक्शन सेंटर भी बनाया गया था, जो नियमों के विपरीत है। छात्रों और उनके अभिभावकों ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से अपील की है कि दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इस मामले में लंबित कार्रवाई से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और ऐसे लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

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