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टिकट आवेदन के नाम पर 5 हजार की वसूली

                                      कांग्रेस की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का आरोप — जयराम ठाकुर

शिमला,बुरेउ रिपोर्ट 

शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि समाचार पत्रों के माध्यम से यह पता चला कि कांग्रेस स्थानीय निकाय के चुनाव में टिकट के लिए आवेदन करने वाले सभी नेताओं से ₹5000 की वसूली करेगी चाहे लोगों को टिकट मिले या न मिले। लेकिन टिकट चाहने वालों द्वारा दिए गए ₹5000 रुपये वापस नहीं किए जाएंगे। 

ऐसे में यह सवाल उठता है कि कांग्रेस द्वारा वसूली जा रही यह धनराशि प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए ली जा रही है या कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं की। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय के स्तर पर कार्यकर्ताओं से टिकट आवेदन के बदले पैसे लेने का यह मामला प्रदेश में पहले नहीं हुआ। लोकसभा के लिए हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने ₹10000 का शुल्क लगाया था लेकिन उस दौरान लोग टिकट मांगने की बजाय टिकट न देने की अपील करते दिखाई दिए। टिकट के लिए आवेदन करना किसी भी पार्टी में हर कार्यकर्ता का अधिकार है और ऐसे में टिकट के आवेदन के लिए ही पैसे वसूलना सही बात नहीं है। लोकतंत्र द्वारा लोगों को मिले अधिकार के लिए वसूली करना हास्यास्पद है।जयराम ठाकुर ने कहा कि दुनिया भर में लोकतांत्रिक पार्टियां चुनाव के लिए प्रत्याशियों का चयन लोकप्रियता, एक कार्यकर्ता के रूप में प्रतिबद्धता, विजयी होने की प्रायिकता आदि मानकों के आधार पर करती हैं। चुनाव लड़ने हेतु अपने प्रत्याशियों का सहयोग करती हैं। व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार स्थानीय निकाय के चुनाव में टिकट का आवेदन करने के बदले ही पैसे वसूल रही है। उन्होंने कहा कि इस बार के स्थानीय निकाय और नगर निकाय के चुनाव में प्रदेश की जनता कांग्रेस को सबक सिखाएगी और उन्हें उखाड़ फेंकेगी। प्रदेश के लोग व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार की जन विरोधी नीतियों से त्रस्त हैं। लोग सरकार द्वारा समर्थित और संरक्षित अराजकता से परेशान हैं। सरकार की कार्यप्रणाली, प्रदेश में बढ़ती गुंडागर्दी, पूरी तरह से ध्वस्त कानून व्यवस्था के कारण तमाम तरह से कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, इसलिए कांग्रेस को हर जगह से उखाड़ फेंकने के लिए तत्पर हैं।

प्रदेश की मातृ शक्ति भी कांग्रेस द्वारा दी गई झूठी गारंटियों और विधायिका में महिला आरक्षण के हक को छीनने के लिए कांग्रेस को सबक सिखाने को तैयार है।जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बीमार और बदहाल है। हर दिन प्रदेश भर में हजारों लोगों को इलाज के लिए भटकना और तमाम तरीके की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन मुख्यमंत्री विश्व स्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था का झूठ बोलकर अपनी जिम्मेदारी से भागते रहते हैं। अस्पतालों में कहीं पर डॉक्टर नहीं है तो कहीं पर दवाई नहीं है, कहीं पर पैथोलॉजिस्ट नहीं हैं तो कहीं पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। जिसके कारण पूरे अस्पताल की व्यवस्था चरमराई रहती है। मुख्यमंत्री एक तरफ रोबोटिक सर्जरी की बात करते हैं, दूसरी तरफ ऑपरेशन थिएटर के टूटे हुए दरवाजे भी मरम्मत की राह देख रहे होते हैं। सामान्य से सामान्य सुविधाओं के लिए भी प्रदेश के लोगों को तरसना पड़ रहा है और मुख्यमंत्री तथा सरकार का पूरा इकोसिस्टम झूठ बोलने में व्यस्त है। केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के तहत स्वास्थ्य के लिए लगातार पैसा आ रहा है लेकिन सरकार द्वारा उन पैसों का समुचित और व्यवस्थित उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसलिए मुख्यमंत्री से आग्रह है कि बड़ी-बड़ी और झूठी बातें करने की बजाय छोटी-छोटी और बेहद जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं का ख्याल रखें।


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