प्रदेश के कॉलेजों में नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत बदलाव
शिमला, ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला और सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में शैक्षणिक सत्र-2026 से स्नातक डिग्री कोर्स में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करते हुए सेमेस्टर सिस्टम शुरू किया जाएगा। प्रदेश सचिवालय में शिक्षा सचिव डॉ. राकेश कंवर की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसको लेकर निर्णय लिया गया।
बैठक में एचपीयू के कुलपति प्रो. महावीर सिंह, एसपीयू मंडी के कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में तय किया गया कि बीए, बीएससी और बीकॉम जैसे यूजी डिग्री कोर्स में एनईपी-2020 के दिशा-निर्देशों के तहत सेमेस्टर प्रणाली लागू की जाएगी। इसके साथ ही छात्रों को मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा मिलेगी। वे पढ़ाई के दौरान कोर्स छोड़कर बाद में फिर से शुरू कर सकेंगे या एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में माइग्रेट कर सकेंगे।
एनईपी के तहत छात्रों को अपने मनपसंद विषय चुनने की सुविधा प्रदेश के लगभग 29-30 बड़े और संसाधन संपन्न कॉलेजों में ही उपलब्ध होगी। वहीं चार वर्षीय यूजी डिग्री विद ऑनर एंड रिसर्च की सुविधा भी चयनित कॉलेजों में ही मिलेगी। छोटे कॉलेजों में संसाधनों और शिक्षकों की उपलब्धता के आधार पर सीमित विषय ही पढ़ाए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को पसंदीदा मेजर, मल्टीडिसिप्लिनरी और कोर विषयों के लिए अपने शहर से बाहर बड़े कॉलेजों का रुख करना पड़ सकता है।
अब छात्रों को पसंद के विषयों और चार वर्षीय ऑनर और रिसर्च डिग्री के लिए बड़े और सुविधा संपन्न कॉलेजों में जाना होगा। छोटे कॉलेजों में पारंपरिक विषयों तक ही विकल्प सीमित रहेंगे।

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