पंचायत चुनाव से बाहर होंगे चिट्टा मामले के दोषी, सरकार का बड़ा कदम
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को लेकर सख्त प्रावधानों वाला हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज (संशोधन) विधेयक 2026 (2026 का विधेयक संख्यांक 7) गुरुवार को विधानसभा से पारित हो गया।
नए नियमों के तहत चिट्टा मामलों में आरोप तय होने पर आरोपी को प्रधान को पद से हटाया जाएगा, जबकि दोषी व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। पंचायत कोरम के लिए अब कुल मतदाताओं की 10 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी और परिवार आधारित उपस्थिति मान्य नहीं होगी। जिला परिषद में कोरम एक-तिहाई कर दिया गया है। अवैध कब्जाधारक, सहकारी बैंकों के डिफाल्टर और ऑडिट रिकवरी लंबित लोगों को भी चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को लेकर सख्त प्रावधानों वाला हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज (संशोधन) विधेयक 2026 (2026 का विधेयक संख्यांक 7) गुरुवार को विधानसभा से पारित हो गया। नए नियमों के तहत चिट्टा मामलों में आरोप तय होने पर आरोपी को प्रधान को पद से हटाया जाएगा, जबकि दोषी व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। पंचायत कोरम के लिए अब कुल मतदाताओं की 10 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी और परिवार आधारित उपस्थिति मान्य नहीं होगी। जिला परिषद में कोरम एक-तिहाई कर दिया गया है। अवैध कब्जाधारक, सहकारी बैंकों के डिफाल्टर और ऑडिट रिकवरी लंबित लोगों को भी चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया गया है।

0 Comments