छेड़छाड़ के आरोप साबित, तीन कॉलेज प्रोफेसरों पर गिरी गाज
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश सरकार ने यौन शोषण और छेड़छाड़ के मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन कॉलेज सहायक प्रोफेसरों को सरकारी सेवाओं से बर्खास्त कर दिया है। ये तीनों चौड़ा मैदान शिमला, फाइन आर्ट्स कॉलेज लोहाराब (शिमला) और नादौन कॉलेज में तैनात थे।
गुरुवार को शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने इस बाबत निर्देश जारी किए।तीनों बर्खास्त सहायक प्रोफेसरों को भविष्य में किसी अन्य सरकारी नौकरी के लिए भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। साल 2021 और 2024 में छात्राओं ने इन सहायक प्रोफेसरों के खिलाफ शिकायतें दी थीं। शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक जांच के बाद तीनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया था और गुरुवार को इनकी बर्खास्तगी के आदेश जारी हुए।शिक्षा सचिव की ओर से जारी आदेशों के तहत सिद्धार्थ गवर्नमेंट कॉलेज नादौन में सहायक प्रोफेसर (केमिस्ट्री) डॉ. अनिल कुमार, फाइन आर्ट्स कॉलेज शिमला के सहायक प्रोफेसर पवन और चौड़ा मैदान कॉलेज शिमला के सहायक प्रोफेसर (गणित) डॉ. वीरेंद्र शर्मा की सरकारी सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। शिक्षा सचिव ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी मामलों में शिकायतों की प्रारंभिक जांच के बाद आरोपियों को निलंबित किया गया था।
विस्तृत विभागीय जांच के बाद अब सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।विभाग के मुताबिक, डॉ. वीरेंद्र पर बीएससी की छात्रा ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। आरोपी छात्रा को व्हाट्सएप पर निजी संदेश भेजकर परेशान करता था। आरोप है कि वह छात्रा को एक दिन अपने घर ले गया, जहां उसने जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। दूसरे मामले में सिद्धार्थ राजकीय महाविद्यालय नादौन में बीएससी की छात्रा ने केमिस्ट्री के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे। छात्रा ने शिकायत में बताया था कि प्रैक्टिकल कक्षा के दौरान प्रोफेसर ने बार-बार अनुचित तरीके से उसे छुआ और अशोभनीय हरकत की। तीसरे मामले में फाइन आर्ट्स कॉलेज की छात्रा ने कथक के सहायक प्रोफेसर पवन कुमार पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। छात्रा का आरोप है कि 23 जनवरी 2024 को वह उसे अपने घर ले गया और जबरन दुष्कर्म का प्रयास किया।

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