जंगल सफारी का बढ़ेगा खर्च, हिमाचल में एंट्री फीस बढ़ाने की तैयारी
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के अभयारण्य और नेशनल पार्कों में प्रवेश अब महंगा होने जा रहा है। राज्य सरकार ने यहां लोगों के प्रवेश और फिल्म शूटिंग की दरों में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सात मार्च को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई और शुल्क बढ़ाने की स्वीकृति दी गई।
वन विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर विधि विभाग को भेजा है।प्रदेश में कुल 24 प्रकार के शुल्क हैं, जिनमें प्रवेश शुल्क, फोटोग्राफी, वीडियो शूटिंग व शोध कार्य आदि शामिल हैं। वन विभाग ने वर्ष 1974 में इन शुल्कों को निर्धारित किया था, जिसके बाद से इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया।वर्तमान में शुल्क दो से 100 रुपये के बीच है, जो अब बढ़ाकर न्यूनतम 200 रुपये किया जाएगा। विधि विभाग से फाइल वापस आने के बाद वन विभाग इसकी अधिसूचना जारी करेगा। यह राशि नेशनल पार्क और अभयारण्य के रखरखाव और बेहतर सुविधाओं पर खर्च की जाएगी।
प्रदेश में पांच प्रमुख नेशनल पार्क हैं, जिनमें ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, पिन वैली, खीरगंगा, इंद्रकीला और सिम्बल बाड़ा शामिल हैं। इनका कुल क्षेत्रफल 2407.28 किमी है। इसके अतिरिक्त राज्य में 26 अभयारण्य भी हैं। राज्य सरकार ने सभी विभागों को अतिरिक्त आय के स्रोत सृजित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत वन विभाग भी इस तरह के निर्णय ले रहा है।हिमाचल के ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क और तीर्थन वन्यजीव अभयारण्य को पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ प्रतिबंधित संरक्षित क्षेत्रों में स्थान मिला है। इसके अतिरिक्त, सैंज वन्यजीव अभयारण्य भी शीर्ष पांच में शामिल है। देश के पांच सबसे अच्छे प्रतिबंधित संरक्षित क्षेत्रों में से हिमाचल के तीन क्षेत्रों की अपनी अलग पहचान है।

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