बस शुल्क पर बोले सुक्खू, “पहले से ही तीन हजार लिए जाते हैं”
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एंट्री टैक्स मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंजाब हमारा भाई है और हरियाणा भी हमारा भाई है। जब हिमाचल की बसें जाती हैं तो बसों को तीन हजार रुपये देने होते हैं तो हमने तो कुछ नहीं कहा है।
वह मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात करेंगे। बीते दिन भी उनसे संपर्क किया गया था तो व्यस्त थे, जब उनका फोन आया तो वह विधानसभा में थे। बुधवार सुबह उन्हें फिर फोन किया तो वह कहीं व्यस्त थे। एंट्री टैक्स पुराना ही है। मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सबसे बड़े झूठे तो भाजपा के ही लोग हैं। उन्होंने कहा कि वह एक बात कहना चाहते हैं कि छह टायर के ट्रक के लिए रेट 570 रुपये हैं। टू एक्सेल और थ्री एक्सेल के लिए बराबर दर रखी गई है। थोड़ा सा बदलाव पांच सीटर गाड़ी का 70 रुपये लगता था और पांच सीटर से ऊपर गाड़ी का 130 रुपये था। इसका युक्तिकरण करके 130 वाले को 100 रुपये किया है, जबकि 70 वाले को 100 रुपये किया। सीएम सुक्खू ने कहा कि फास्ट टैग की तकनीकी खामी भी है, इसलिए पिछले रेट के हिसाब से ही यह सब लग रहा है। अगर कहीं गलतफहमी हुई है तो उसे भी दूर कर दिया जाएगा।
इस प्रकार नहीं करना चाहिए।मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से दो पूर्व मुख्य सचिवों आरडी धीमान और प्रबोध सक्सेना पर लगाए आरोपों पर कहा कि यह ब्यूरोक्रेसी की आपसी लड़ाई होती है। अगर गलत कहीं भी कोई होगा तो सरकार इसके बारे में जानकारी इकट्ठा करेंगे। किसी को एक्सटेंशन देना सरकार का अधिकार क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि प्रबोध सक्सेना को एक्सटेंशन उनके अच्छे कार्यों को देखते हुए दी गई है। सीएम ने कहा कि वह अभी आंतरिक चीजों की सभी जानकारियां प्राप्त करेंगे, उसके बाद ही बोलेंगे। विपक्ष की ओर से सीएम पर लगाए जा रहे अधिकारियों को संरक्षण देने के आरोपों पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि उन्हें तो तीनों अधिकारियों की प्रोटेक्शन है। यह उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही प्रबोध सक्सेना को संदिग्ध निष्ठा वाले अधिकारियों की श्रेणी में बताते हुए मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने सीएम सुक्खू को उन्हें पद से हटाने के लिए पत्र जारी किया है। पत्रकार वार्ता कर उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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