स्वास्थ्य विभाग में भर्ती का रास्ता साफ, होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर जल्द नियुक्त
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आयुष विभाग में होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर (एमओ) के 22 पदों पर भर्ती प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि एमओ के पद 100 फीसदी सीधी भर्ती के माध्यम से ही भरे जाएंगे।
कोर्ट ने पाया कि विज्ञापन पूरी तरह सांविधानिक नियमों के अनुरूप है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने होम्योपैथिक नियमों को छिपाकर और आयुर्वेदिक नियमों के आधार पर भ्रम पैदा कर अदालत को गुमराह करने का प्रयास किया है। इसी के साथ ही अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए भर्ती प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के साथ ही आयुष विभाग में 22 होम्योपैथिक मेडिकल अधिकारियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।याचिकाकर्ताओं ने आयुष विभाग की ओर से 29 फरवरी 2024 को जारी विज्ञापन को चुनौती दी थी।
याचिका में दलील दी गई थी कि भर्ती नियमों के अनुसार इन पदों को 50 फीसदी सीधी भर्ती और 50 फीसदी बैचवाइज आधार पर भरा जाना चाहिए। उन्होंने अदालत से आग्रह किया था कि विभाग को विज्ञापन में संशोधन करने के निर्देश दिए जाएं। सरकार ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ताओं ने जानबूझकर गलत नियम पेश किए हैं। उन्होंने जिसका हवाला दिया है वह दरअसल आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर के भर्ती नियम थे। सरकार ने 15 सितंबर 2010 की अधिसूचना पेश की, जो विशेष रूप से होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर के लिए हैं। इन नियमों के अनुसार ये पद 100 फीसदी सीधी भर्ती (अनुबंध या नियमित आधार पर) से भरे जाने का प्रावधान है।

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