हाईकोर्ट ने याचिका का किया निपटारा ⚖️
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्टाफ नर्स और असिस्टेंट स्टाफ नर्स के पदों पर केवल महिला उम्मीदवारों को बुलाने के खिलाफ दायर याचिका का निपटारा कर दिया है। हाईकोर्ट में मामला दर्ज होने के बाद सरकार ने पुरुष उम्मीदवारों को भी भर्ती में शामिल करने के लिए कॉरिजेंडम जारी किया है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब प्रदेश के योग्य पुरुष उम्मीदवार भी भविष्य में नर्सिंग अधिकारी के पदों पर अपनी दावेदारी पेश कर सकेंगे।न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ के समक्ष महाधिवक्ता अनूप रतन ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने 30 मार्च 2026 को एक कॉरिजेंडम जारी किया है। इसके साथ ही, हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने भी 31 मार्च को विज्ञापन संख्या 7/2025 के संदर्भ में कॉरिजेंडम जारी कर पुरुष उम्मीदवारों को शामिल करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट को सूचित किया गया कि विज्ञापन संख्या 3/2026 के लिए कॉरिजेंडम जारी नहीं किया गया है, क्योंकि इस भर्ती की लिखित परीक्षा पहले ही आयोजित की जा चुकी है।
अतः इस विशिष्ट प्रक्रिया में अब बदलाव करना संभव नहीं है। याचिकाकर्ता गौरव कुमार और अन्य उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकार के उक्त विज्ञापनों को चुनौती दी थी, जिनमें स्टाफ नर्स के पदों के लिए केवल महिलाओं से आवेदन मांगे गए थे। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि वे स्टाफ नर्स के पद के लिए पूरी तरह योग्य हैं और हिमाचल प्रदेश नर्स रजिस्ट्रेशन काउंसिल के साथ पंजीकृत भी हैं।भर्ती नियमों में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि इन पदों पर केवल महिलाओं की ही नियुक्ति होगी। पुरुषों को भर्ती से बाहर रखना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है, जो लिंग के आधार पर भेदभाव को रोकता है।

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