Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

बेमौसमी बर्फबारी-बारिश से सेब और गेहूं की फसलों पर संकट

                           मौसम की मार: किसानों की मेहनत पर पानी, सेब-गेहूं को भारी नुकसान

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश में असमय बर्फबारी और बारिश से सेब, गेहूं समेत अन्य फसलों पर संकट खड़ा हो गया है। इससे जहां राज्य में सेब की फसल को नुकसान हो रहा है, वहीं गेहूं और रबी की अन्य फसलों पर भी संकट खड़ा हो गया है। राज्य सरकार के कृषि और बागवानी निदेशालयों ने इस संबंध में फील्ड से रिपोर्ट मांगी है। 

मौसम के बिगड़े मिजाज का सीधा असर कृषि व बागवानी पर हो रहा है। विशेषकर सेब की फसल पर पड़ा है।इन दिनों फ्लावरिंग और सेटिंग का महत्वपूर्ण चरण चल रहा है, जिसमें 22 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान अनुकूल माना जाता है, लेकिन बर्फबारी और लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई है। इससे फूलों के विकास पर असर पड़ रहा है। वहीं, बारिश के कारण सेब के फूलों पर परागण धुलने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे फल बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। बागवानों का मानना है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो फसल को करीब 10 फीसदी तक नुकसान हो सकता है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन बागवानी विभाग की ओर से फील्ड में निरीक्षण के बाद ही किया जाएगा।हमीरपुर जिले में दो दिन से हो रही बारिश ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश और ओलावृष्टि से आम-लीची सहित अन्य फलदार पौधों के फूल झड़ गए हैं।

 वहीं, बारिश से गेहूं की फसल पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है। कई जगह तेज बारिश और हवा से फसल खेतों में बिछ गई है जिससे उत्पादन में भारी कमी आ सकती है। जिले में 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बिजाई हुई है।मंडी जिले के सराज और गोहर ब्लाॅक में ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। फील्ड से रिपोर्ट विभाग के अधिकारियों के पास पहुंच गई है। सराज ब्लाॅक में ओलावृष्टि से नकदी फसलों को 50 लाख का नुकसान हुआ है। इसी तरह गोहर ब्लाॅक में भी 16.9 लाख का नुकसान हुआ है। कांगड़ा जिले में लगातार बारिश से गेहूं और आलू की फसल को नुकसान पहुंचने लगा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।प्रदेश बागवानी विभाग के निदेशक डॉ. सतीश शर्मा ने कहा कि सेब की फ्लावरिंग के दौरान बगीचों में हुई असमय बर्फबारी और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे फील्ड अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। राज्य कृषि विभाग के निदेशक डॉ. रविंद्र सिंह जसराेटिया ने कहा कि जिन क्षेत्रों में गेहूं की फसल हवा और बारिश से गिर गई है, वहां नुकसान हुआ है। इस पर फील्ड अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।


Post a Comment

0 Comments

एससीडीपी में करोड़ों की डीपीआर, बजट में सूखा; फाइलों में दौड़ रहा विकास