समितियों का पुनर्गठन, चयन और प्रमोशन प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड ने कर्मचारियों की भर्ती, पदोन्नति व सेवा पुष्टि प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए नई विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) और विभागीय भर्ती समितियों का पुनर्गठन कर दिया है। बोर्ड प्रबंधन की ओर से जारी कार्यालय आदेश में मुख्यालय, विंग, सर्किल और डिवीजन स्तर तक विभिन्न श्रेणियों के पदों के लिए नई समितियों की संरचना तय की गई है।
ग्रुप-ए पदों के लिए गठित समिति की अध्यक्षता प्रबंध निदेशक करेंगे। बोर्ड के पूर्णकालिक निदेशक सदस्य होंगे, जबकि कार्यकारी निदेशक सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे। इन समितियों की बैठक से जुड़े निर्णयों और समीक्षा बैठकों को मंजूरी देने का अधिकार चेयरमैन बिजली बोर्ड के पास रहेगा।
ग्रुप-बी पदों के लिए निदेशक को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। तकनीकी पदों के मामलों में निदेशक और अन्य पदों के लिए कार्यकारी निदेशक सदस्य होंगे। ग्रुप-सी पदों के लिए कार्यकारी निदेशककी अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जिसमें मुख्य लेखाधिकारी को सदस्य बनाया गया है। वहीं ग्रुप-डी पदों के लिए संबंधित शाखा के उप सचिव या अवर सचिव समिति के अध्यक्ष होंगे।
बोर्ड ने केवल मुख्यालय स्तर तक ही सीमित बदलाव नहीं किए हैं, बल्कि विंग, सर्किल और डिवीजन स्तर तक समितियों की स्पष्ट संरचना तय की है। विंग स्तर पर ग्रुप-बी और ग्रुप-सी पदों के लिए मुख्य अभियंता को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।अधीक्षण अभियंता सदस्य होंगे, जबकि संबंधित विंग के उप सचिव, अवर सचिव या सेक्शन अधिकारी सदस्य सचिव रहेंगे। सर्किल स्तर पर ग्रुप-सी और ग्रुप-डी पदों के लिए अधीक्षण अभियंता को अध्यक्ष बनाया गया है।बोर्ड प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि इस पुनर्गठन से प्रशासनिक ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। सेवा मामलों का नियंत्रण पहले की तरह संबंधित कार्यालय प्रमुखों के पास ही रहेगा।


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