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दिव्यांग कर्मियों को नियमित करने पर विचार करे सरकार: हिमाचल हाईकोर्ट

   हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को दिव्यांग कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति को लेकर संवेदनशीलता से निर्णय लेने की सलाह दी।   

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत नियमित नियुक्ति की मांग कर रहे कर्मचारियों के हक में महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि सरकार को इन कर्मचारियों के दावों पर कानूनी प्रावधानों और पूर्व के अदालती फैसलों के आलोक में पुनर्विचार करना होगा।


सरकार ने हिमाचल प्रदेश भर्ती और सेवा शर्तें अधिनियम, 2024 का हवाला देकर कर्मचारियों के नियमितीकरण के दावों को खारिज कर दिया था। हालांकि, अदालत ने इस अधिनियम को पहले ही असांविधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि चूंकि संबंधित अधिनियम अब अस्तित्व में नहीं है, इसलिए इसके आधार पर खारिज किए गए सभी आदेश भी रद्द माने जाएंगे। कोर्ट ने सक्षम अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे याचिकाकर्ताओं के दावों पर 30 जून 2026 तक नया और तर्कसंगत आदेश पारित करें। 


इस प्रक्रिया में प्रभावित कर्मचारियों को सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के पुराने फैसलों के अनुसार वे अपनी नियुक्ति की प्रारंभिक तिथि से ही नियमित नियुक्ति के पात्र हैं। सरकार ने 2024 के नए सेवा अधिनियम का सहारा लेकर उनकी मांगें ठुकरा दी थी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि इस फैसले के बाद भी कर्मचारियों की कोई शिकायत रहती है, तो वे दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र होंगे। 

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