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रोहरू वन प्रभाग में पहली बार पक्षी सर्वेक्षण शुरू, तैयार होगा पक्षी विविधता का आधारभूत डेटा

  जैव विविधता संरक्षण की दिशा में अहम पहल, विभिन्न प्रजातियों की पहचान और आवास का होगा अध्ययन

शिमला,रिपोर्ट नवीन शर्मा 

रोहरू वन प्रभाग में आज से एक व्यापक पक्षी सर्वेक्षण औपचारिक रूप से प्रारंभ किया गया है। इसका उद्देश्य क्षेत्र की पक्षी विविधता का दस्तावेजीकरण करना और भविष्य के पारिस्थितिक आकलन और जैव विविधता निगरानी के लिए आधारभूत वैज्ञानिक डेटा तैयार करना है। यह पहली बार है जब रोहरू वन प्रभाग ने इतने बड़े पैमाने पर व्यवस्थित पक्षी सर्वेक्षण किया है।

यह सर्वेक्षण वन अधिकारियों, फ्रंटलाइन कर्मचारियों और पक्षी विशेषज्ञों के सहयोग से किया जा रहा है। प्रभाग के विभिन्न वन क्षेत्रों के लिए अलग-अलग सर्वेक्षण दल गठित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र की पक्षी विविधता का वैज्ञानिक आकलन करना और दीर्घकालिक संरक्षण योजना, पर्यावास प्रबंधन और जैव विविधता निगरानी प्रयासों को सुदृढ़ करना है।सर्वेक्षण के पहले दिन, प्रकृतिवादी/पक्षी विशेषज्ञ श्री अंकुश ठाकुर के नेतृत्व में एक दल ने वन विभाग के अधिकारियों और फील्ड स्टाफ के साथ मिलकर बग्गी से गावस तक 10 किलोमीटर की पदयात्रा की। दल में श्री चमन लाल (ब्लॉक अधिकारी, गावस), श्रीमती प्रभा देवी (उप रेंजर), श्री सुरेश कुमार (वन रक्षक), श्री राहुल (वन मित्र), श्री पंकज (वन मित्र) और श्रीमती सिमरन (वन मित्र) शामिल थे।यात्रा के दौरान सर्वेक्षण दल ने लगभग 70 पक्षी प्रजातियों को दर्ज किया, जो इस क्षेत्र की समृद्ध पक्षी विविधता को दर्शाता है। उपलब्ध ईबर्ड रिकॉर्ड के अनुसार, सर्वेक्षण के दौरान कई उल्लेखनीय और अपेक्षाकृत दुर्लभ प्रजातियों को देखा गया, जिनमें ब्राउन बुलफिंच, ब्लैक-एंड-येलो ग्रोसबीक, फायर-ब्रेस्टेड फ्लावरपेकर और लेसर कुकू शामिल हैं। 

इन प्रजातियों की उपस्थिति को स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र और रोहरू क्षेत्र के उच्च जैव विविधता मूल्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।इस अवसर पर बोलते हुए श्री अंकुश ठाकुर ने कहा कि पहली यात्रा अत्यंत सफल रही, क्योंकि मार्ग में उत्कृष्ट पर्यावास परिस्थितियाँ और उल्लेखनीय पक्षी विविधता पाई गई। उन्होंने वन विभाग के सहयोग से सर्वेक्षण करने पर प्रसन्नता व्यक्त की और इस बात पर बल दिया कि पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य को समझने और उसका मूल्यांकन करने के लिए ऐसे वैज्ञानिक सर्वेक्षण आवश्यक हैं। उन्होंने आगे कहा कि व्यवस्थित जैव विविधता प्रलेखन भविष्य में जिम्मेदार पर्यावरण-पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी सहायक होगा।रोहरू वन प्रभाग के डीसीएफ एन. रविशंकर, आईएफएस ने बताया कि व्यापक आधारभूत डेटा का दस्तावेजीकरण करने और क्षेत्र की समृद्ध पक्षी विविधता को दर्ज करने के लिए सर्वेक्षण शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस सर्वेक्षण के निष्कर्ष प्रभाग के भीतर भविष्य के जैव विविधता अध्ययनों, संरक्षण योजना, पर्यावास प्रबंधन और दीर्घकालिक पारिस्थितिक निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक संदर्भ के रूप में कार्य करेंगे।आने वाले दिनों में यह सर्वेक्षण रोहरू वन प्रभाग के विभिन्न पर्यावासों और ऊँचाई वाले क्षेत्रों को कवर करते हुए कई वन क्षेत्रों में जारी रहने की उम्मीद है।

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रोहरू वन प्रभाग में पहली बार पक्षी सर्वेक्षण शुरू, तैयार होगा पक्षी विविधता का आधारभूत डेटा