प्रदेशभर में पंचायत चुनाव को लेकर बढ़ी सरगर्मी, कई सीटों पर कांटे की टक्कर के आसार।
शिमला ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अंतिम दिन 37,114 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। कुल 79,676 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। उधर, प्रदेश की सबसे छोटी नगर पंचायत नारकंडा को निर्विरोध चुन लिया गया है। आयोग को देर रात तक चंबा जिले के पांगी विकास खंड से सूचना प्राप्त नहीं हुई, ऐसे में कुल प्रताशियों का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो कांगड़ा जिला सबसे आगे रहा, जहां कुल 14,590 नामांकन पत्र दाखिल हुए। इसके बाद मंडी में 14,517 और चंबा में 8,002 नामांकन प्राप्त हुए। लाहौल-स्पीति में सबसे कम 493 नामांकन पत्र दाखिल हुए।
शिमला जिले में 7,614, कुल्लू में 5,817, सिरमौर में 5,970, हमीरपुर में 5,333, सोलन में 5605, ऊना में 5,823, किन्नौर में 1,428 नामांकन पत्र दाखिल हुए हैं। अंतिम दिन बिलासपुर जिले में 1744, चंबा में 3354, हमीरपुर में 2213, कांगड़ा में 7194, किन्नौर में 815, लाहौल-स्पीति में 210, कुल्लू में 2930, मंडी में 6606, शिमला में 4155, सिरमौर में 3256, सोलन में 2647 और ऊना जिले में 1990 नामांकन किए गए।
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनावों की अधिसूचना 29 अप्रैल को जारी की थी। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार अब 12 मई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। यह प्रक्रिया संबंधित रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की निगरानी में सुबह 10 बजे से शुरू होगी। 15 मई को उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे और उसी दिन चुनाव चिह्न भी आवंटित किए जाएंगे। पंचायतीराज संस्थाओं के लिए मतदान तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई 2026 को करवाया जाएगा। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 3 बजे तक बैलेट पेपर और मतपेटियों के माध्यम से होगा।
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