सोशल मीडिया टिप्पणी पड़ी भारी! युवती के खिलाफ BNS और SC-ST एक्ट में केस दर्ज
केलांग,ब्यूरो रिपोर्ट
कुल्लू जिला अस्पताल में महिला की मौत के बाद सोशल मीडिया पर जनजातीय (ट्राइबल) समुदाय को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मनाली निवासी युवती के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
उदयपुर थाना, जिला लाहौल-स्पीति में दर्ज इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी गई है।पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर एक पोस्ट पर की गई टिप्पणी को लेकर जनजातीय समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि टिप्पणी में समुदाय के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया और इससे सामाजिक वैमनस्य फैलाने की कोशिश हुई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।एफआईआर के अनुसार आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 196 और 352 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(r), 3(1)(s) और 3(1)(u) के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस वायरल पोस्ट, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।विवाद बढ़ने के बाद संबंधित युवती ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि कुल्लू अस्पताल की घटना से वह भावनात्मक रूप से आहत थीं और उसी दौरान उनसे यह टिप्पणी हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। इसके साथ ही उन्होंने विवादित टिप्पणी को सोशल मीडिया से हटा दिया।इस मामले पर लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और सभी समुदायों का सम्मान करने की अपील की।यह मामला 21 जून को कुल्लू जिला अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत के बाद शुरू हुए विवाद से जुड़ा है। उसी घटनाक्रम के दौरान सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।
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