Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

नाकों पर अध्यापको की नियुक्ति के संदर्भ में एसडीएम इंदौरा को सौंपा ज्ञापन


  • फतेहपुर 13 अगस्त,शिवराज धीमान
    हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने अंतर राज्य नाकों पर अध्यापको की नियुक्ति के संदर्भ में एसडीएम इंदौरा सोमिल गौतम को सौंपा ज्ञापन। संघ ने निवेदन व मांग की है कि अंतरराज्य नाकों पर अध्यापको की प्रतिनियुक्तियाँ दी है उस बारे अध्यापक संघ में रोष व्याप्त है ।




नरेश धीमान व अरुण पठानियाँ ने सयुक्त बयान में कहा कि कुछ अध्यापको को नाके पर बार बार प्रतिनियुक्तियाँ दी जा रही है जिस कारण उन अध्यापको का ऑनलाइन स्टडी व घर घर पाठशाला का कार्यक्रम पूर्णरूप से बाधित हो रहा है। उन्होंने कहा की इंदौरा उपमण्डल 85 -90 प्रतिशत अध्यापक अपने घर के 15-20 कि.मी के घेरे में ही अपनी सेवाए दे रहे है । अतः उन्होंने मांग की कि अध्यापको को बदल बदल कर नाको पर नियुक्त किया जाए । उन्होंने कहा कि रात्रि काल की प्रतिनियुक्ति के समय आयु का भी ध्यान रखा जाना चाहिए क्योंकि 52-53 वर्ष की आयु की अध्यापक कई रोगों से पीड़ित होते है इसलिए रात्रि सेवा में उन्हें स्वास्थ्य सबंधित समस्या का सामना करना पड़ता है ।
उक्त नेताओ ने कहा कि अगर किसी अध्यापक की सेवाएं अथवा प्रतिनियुक्ति देनी है तो उस अध्यापक की नियमित सेवाकाल व बरिष्ठता का भी ध्यान रखा जाए जिस प्रकार चुनाव के समय पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति करते समय किया जाता है अतः अगर आपके कार्यालय में किसी अध्यापक की सेवा लेना अति आवश्यक है तो अधिकतम नियमित सेवा काल 20 -25 साल होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोरन्टीन सेंटर में गत चार महीने से एक ही अध्यापक सेवाएं दे रहा है उस अध्यापक को कार्यभार से मुक्त किया जाए ।
साथ ही उन्होंने मांग की कि नाके पर नियुक्त कर्मचारियों अथवा अध्यापकों की बैठने की व्यवस्था सेनिटाईजेशन ओर टॉयलेट की व्यवस्था का उचित प्रबंध न होने पर भी उन्होंने रोष जताया । उन्होंने अध्यापकों के वर्ग जैसे प्रवक्ता, स्नातक,टीजीटी ,सीएंडवी,जेवीटी, पदनाम के हिसाब से ही प्रतिनियुक्ति होनी चाहिए पद का भी ध्यान रखा जाना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि अध्यापकों की जानकारी विद्यालय प्रमुख से ली जाए और जो अध्यापक अपनी सेवाएं दे चुके है उन्हें दोबारा ना लगाया जाए । एक अध्यापक को एक हफ्ते से ज्यादा देर तक न लगाया जाए ।

Post a Comment

0 Comments

टकारला में खेत में पड़ा पशुचारा (तूड़ी) जलकर राख