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अरविंद कुमार द्वारा इंदु गोस्वामी के साथ खुली कार में घूमना राजनीति में बना चर्चा का विषय

प्रेमी के लिए खतरे की घंटी
 
बैजनाथ,रिपोर्ट
बैजनाथ में निकली भाजयुमो की तिरंगा यात्रा ने कई संदेश क्षेत्र में लोगों की जुबान पर ला दिए हालांकि इस विषय पर राजनीतिक विशेषज्ञ कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं। लेकिन आमजन में चर्चा है कि कहीं न कहीं बैजनाथ में अरविंद कुमार को आगे लाने के लिए इस प्रकार की सोची समझी सोच के तहत अरविंद कुमार को एक नेता स्थापित करने की योजना भी हो सकती है।
शनिवार को बैजनाथ में निकली भाजयुमो की तिरंगा यात्रा ने स्थानीय विधायक मुलख राज प्रेमी के लिए खतरे की घंटी बजा दी है ।जिस तरह से मुलख राज प्रेमी की गैरमौजूदगी में भाजपा के जिला भाजयुमो अध्यक्ष अरविंद कुमार को  जिला भाजपा अध्यक्ष हरिदत्त शर्मा  और मंडल भाजपा अध्यक्ष  भीखम राम की उपस्थिति में रैली में युवा नेता के रूप में प्रोजेक्ट किया गया। उससे क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है।
अगर पिछले 4 सालों की बात करें तो लगातार 4 सालों मे
 किसी भी राजनीतिक चेहरे को बैजनाथ में आगे नहीं आने दिया गया। लेकिन एकदम से तिरंगा यात्रा के बाद अरविंद कुमार का चेहरा आगे आने से सत्ता के गलियारों में सुगबुगाहट जरूर शुरू हो गई है।  पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया  और संगठनों में हो रही गतिविधियां लगातार खतरे की घंटी बजा रही हैं ।पिछले दिनों ही भाजपा की ही एक नेत्री शीला देवी ने अंबेडकर समाज के सहारे अपने लिए टिकट की मांग की थी तो वहीं उसी दिन अरविंद कुमार ने भी एक गैर सरकारी संगठन के सहारे कार्यक्रम आयोजित किया था। ऐसे में राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी के साथ खुली जीप में अरविंद कुमार का बैजनाथ पपरोला के बाजारों में घूमना और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बिना कोई नाम लिए युवा नेता जिंदाबाद का नारा लगाना कहीं ना कहीं खतरे का ही संकेत दे रहे हैं। 
सिंबल पंचायत के प्रधान और भाजयुमो के जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार को उनके समर्थक भाजयुमो में उनकी तैनाती के समय से ही बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र में टिकट का तगड़ा दावेदार मानते हैं और ऐसे में चुनावों के नजदीक आते इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजित होना और राज्यसभा सांसद द्वारा खुलकर इस रैली में भाग लेना बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र में नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे रहा है।

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