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उद्योगपति एवं समाजसेवी स्टाल्वर्ट फाउंडेशन के चेयरमैन संदीप गर्ग ने कहा कि पत्रकारिता देश के विकास में एक अहम कड़ी

                      हरियाणा से प्रसिद्ध उद्योगपति व समाजसेवी संदीप गर्ग व कृष्ण चंद मेहता ने की शिरकत

शिमला,रिपोर्ट नीरज डोगरा 

उद्योगपति एवं समाजसेवी स्टाल्वर्ट फाउंडेशन के चेयरमैन संदीप गर्ग ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि पत्रकारिता देश के विकास में एक अहम कड़ी है। पत्रकार लोकतंत्र में नव निर्माण का कार्य करता है। पत्रकार न केवल सिस्टम में खामियों को उजागर कर प्रशासन व सरकार को जगाने का काम करता है बल्कि देश की उपलब्धियों को जनता के सामने लाने का भी एक जरिया है। उन्होंने कहा कि प्रभु के आशीर्वाद से उन्होंने समाज सेवा के जो कार्य गरीब रसोई एंबुलेंस सेवा वह मरीजों की देखभाल जैसे कार्यों को शुरू किया है। इन कार्यों को करने की प्रेरणा जहां उन्हें विरासत में अपने बाप और दादा से मिली है वहीं इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा मीडिया ने उन्हें प्रेरित किया है। उन्होंने संगोष्ठी में शामिल हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, यूपी व हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हीं के कंधों पर लोकतंत्र की नींव रखी है।

संगोष्ठी में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय जनसंचार विभाग के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बिंदु शर्मा ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारिता आज नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जहां पर नई चुनौतियां और नए माध्यमों के साथ पत्रकारों को एक नए युग की पत्रकारिता शुरू की है। पत्रकारिता के नए टूल जितने त्वरित हैं, उतने ही घातक भी सिद्ध हो रहे हैं। इसलिए पत्रकारों को पूरी समझ और सूझबूझ के साथ सामग्री प्रेषित करनी चाहिए ताकि उनके किए कार्य से किसी का जीवन प्रभावित न हो पाए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को किसी के निजी जीवन में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए पत्रकारिता की अपनी कुछ सीमाएं होती हैं। उसी दायरे में रहकर पत्रकारों को समाज हित में व देश के विकास में उन्मुखी पत्रकारिता करनी चाहिए।


चितकारा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एवं डीन डॉक्टर आशुतोष मिश्रा ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों में पत्रकारिता ने देश के विकास में जो योगदान दिया है। वह अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता अपने आप में बहुत बड़ा विषय है। आजादी से लेकर अब तक लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका निभाने वाले पत्रकारिता जगत में बड़े-बड़े घोटालों का पर्दाफाश करके देश के लोकतांत्रिक मर्यादा का उदाहरण पेश किया है। मैंने कहा कि हालांकि कई बार पत्रकारों को सच लिखने की कीमत भी चुकानी पड़ती है फिर भी पत्रकार अपने सीमित साधनों के साथ सच की आवाज को बेखौफ होकर निडर शब्दों की शब्दावली के साथ देश हित में अपनी भूमिका बखूबी निभा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बेशक माध्यमों का स्वरूप बदला है लेकिन एक चीज जो कभी नहीं बदली और ना ही कभी बदलेगी। वह है पत्रकारों की जनता व पाठकों के प्रति विश्वसनीयता और निर्भीकता। उन्होंने भारतीय पत्रकार कल्याण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पावना श्री हुए उनके मंच के साथ जुड़े सभी पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह पत्रकारिता धर्म को इसी प्रकार से निभाते रहेंगे और देश के सिस्टम को समय-समय पर जगाते रहेंगे।

भारतीय पत्रकार कल्याण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन आश्री ने मंच की गतिविधियों के बारे मुख्य अतिथियों व पत्रकारों को अवगत करवाते हुए कहा कि वे सुरेश भारद्वाज जी के सानिध्य में पिछले 25 वर्षों से प्रत्येक वर्ष ग्रीष्म काल के दौरान हिमाचल प्रदेश में पत्रकारों के प्रशिक्षण शिविरों व गोष्ठियों का आयोजन करते आ रहे हैं। मंच द्वारा सरकार के साथ मिलकर पत्रकारों के हित मैं कल्याणकारी योजनाओं को लागू करवाने में अहम योगदान दिया है। फिर चाहे हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा पत्रकारों को पेंशन दिए जाने की बात हो या फिर पत्रकारों का मेडिक्लेम करवाने की बात हो। मंच ने समय-समय पर पत्रकारों की समस्याओं के लिए आवाज बुलंद की है। उन्होंने बताया कि भारतीय पत्रकार कल्याण मंच द्वारा सभी सदस्यों का 10 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा वाह ढाई लाख रुपए का दुर्घटना बीमा प्रतिवर्ष करवाया जाता है। दुर्भाग्यवश किसी पत्रकार की मृत्यु होने या फिर दुर्घटनाग्रस्त होने पर उसके परिवार को आर्थिक मदद दिलाने में मंच परिवार के साथ रहता है। दीपावली मिलन, होली मिलन जैसे कार्यक्रमों के साथ-साथ सरकारी स्कूलों के जरूरतमंद स्कूली विद्यार्थियों को सर्दियों में गर्म जरिया व जूते वितरित करने का काम भी करता है और सर्दी के मौसम में जरूरतमंद लोगों को कंबल भी वितरित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनका मंच हरियाणा और पंजाब की तर्ज पर हिमाचल सरकार से भी आग्रह करेगा कि हिमाचल के पत्रकारों को भी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए और पत्रकारों का मेडिक्लेम किया जाए ताकि मामूली वेतन में जोखिम भरा काम करने वाले पत्रकारों को और उनके परिवार को कुछ राहत मिल सके। मंच का संचालन पत्रकार शिवा ने बखूबी किया।




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