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क्या फ़ायदा होगा केंद्र सरकार के सेबो के आयात के निर्णय पर

                                           केंद्र सरकार क्या सच में बागवानों की चिंता खत्म की है 

शिमला,रिपोर्ट नीरज डोगरा 

भारत सरकार ने सेब के आयात को लेकर बीते दिनों एक बड़ा फैसला लिया जिससे देश के सेब बागवानों को फ़ायदा होने की उम्मीद है। हिमाचल के सेब उत्पादक लम्बे वक़्त से दूसरे देशो से आयात होने वाले सेब पर 100 फीसदी इम्पोर्ट ड्यूटी की मांग कर रहे है। 

इस बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को दूसरे देशों से आयात होने वाले सेब की न्यूनतम कीमत 50 रुपये कर दी है। यानी 50 रुपये से कम कीमत वाले सेब के आयात पर रोक लगा दी गई। विदेशों से हर साल भारी मात्रा में सेब भारत पहुंचता है. इनमें से अधिकतर देशों से सस्ता सेब आयात होता है, जिससे देश के सेब बागवानों को नुकसान उठाना पड़ता है। केंद्र सरकार के इस फैसले से विदेशों से सेब का आयात कम होने या आयात होने वाले सेब की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। 

दुनियाभर के कई देशों से सेब भारत में आयात होता है. देश में हर साल सेब का आयात बढ़ता जा रहा है।  वाणिज्य मंत्रालय के आकड़ों के मुताबिक देश में साल 2019 में 2.62 लाख मीट्रिक टन सेब का आयात हुआ जबकि 2020 में 2.72 लाख मीट्रिक सेब विदेशों से भारत में पहुंचा। इसके बाद साल 2021 में देश में कुल 4.59 लाख मीट्रिक टन सेब आयात हुआ। ये आंकड़ा हिमाचल में होने वाले औसतन सालाना सेब उत्पादन के बराबर है। यानी सेब का जितना औसत उत्पादन हिमाचल में होता उतना सेब भारत आयात हो रहा है. जबकि हिमाचल देश का दूसरा सबसे बड़ा सेब उत्पादक राज्य है। 



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