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लोकमित्र केंद्रों में अधिक वसूली पर सख्ती: शिकायत सही पाई गई तो एक महीने के लिए ब्लॉक होगी आईडी

                    धोखाधड़ी जैसी शिकायतों के मामलों में कार्रवाई की स्पष्ट प्रक्रिया तय की गई 

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल सरकार ने राज्य भर में संचालित लोकमित्र केंद्रों और आधार सेवाओं की निगरानी को और अधिक सख्त करते हुए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अधिसूचित कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अधिक शुल्क वसूली, सेवाओं में देरी, संचालन संबंधी उल्लंघन, कदाचार या धोखाधड़ी जैसी शिकायतों के मामलों में कार्रवाई की स्पष्ट प्रक्रिया तय की गई है।

यदि कोई लोक मित्र केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पहली बार दोषी पाए जाने पर संबंधित केंद्र की सीएससी आईडी एक माह के लिए ब्लॉक कर चेतावनी जारी की जाएगी। दोबारा उल्लंघन होने पर निलंबन की अवधि बढ़ाई जा सकती है। बार-बार अनियमितता मिलने पर सीएससी आईडी स्थायी रूप से रद्द भी की जा सकती है। राज्य में वर्तमान में करीब 7900 सक्रिय लोक मित्र केंद्र कार्यरत हैं, जो विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एसओपी का उद्देश्य सेवा वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना, अनियमितताओं पर अंकुश लगाना और नागरिकों को बेहतर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है। एसओपी में लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से संचालित आधार सेवाओं पर भी विशेष निगरानी का प्रावधान किया गया है। 

आधार ऑपरेटरों को अधिकृत सरकारी परिसरों से ही सेवाएं प्रदान करने की अनुमति होगी और उन्हें भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। यदि कोई ऑपरेटर स्वीकृत स्थान से बाहर आधार नामांकन करता या फर्जी नामांकन में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल निलंबन सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डिपार्टमेंट ऑफ डिजिटल टेक्नोलॉजीज एंड गवर्नेंस के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि सभी लोक मित्र केंद्रों को अपने परिसर में सेवाओं की आधिकारिक दर सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर प्रत्येक तिमाही में कम से कम 15 लोक मित्र केंद्रों का निरीक्षण करना होगा। एसओपी में ग्राम स्तरीय उद्यमियों को अपील का अधिकार भी दिया गया है। यदि किसी वीएलई को अपने खिलाफ की गई कार्रवाई अनुचित लगती है तो वह आदेश की तिथि से 15 दिनों के भीतर विभाग के निदेशक के समक्ष अपील कर सकता है।


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