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राज्यपाल ने ‘मेरी माटी मेरा देश’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की

प्रदेश के 10 दर्रों से एकत्रित मिट्टी के कलशों को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली रवाना किया

शिमला, रिपोर्ट 
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राज भवन में ‘मेरी माटी मेरा देश’ अभियान के तहत नेहरू युवा केंद्र तथा भारतीय तिब्बत सीमा बल के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

इस अवसर पर उन्होंने नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवकों तथा आई.टी.बी.पी. के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जननी व जन्मभूमि की महता स्वर्ग से भी बढ़कर है। भारत शूरवीरों की धरती है, जहां के हर प्रांत में स्वतंत्रता सेनानी व सेना के जवान हैं, जिन्होंने देश के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरा होने पर कार्यान्वित किए गए इस कार्यक्रम से व्यापक जन भागीदारी सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच व देश प्रेम की भावना से किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम नई युवा पीढ़ी में देश भक्ति व देश सेवा की भावना को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत आरम्भ किया गया है।  

राज्यपाल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने ‘मेरी माटी मेरा देश’ अभियान गांवों व कस्बों के गुमनाम नायकों व शूरवीरों की स्मृतियों को संजोए रखने के लिए शुरू किया है। इस अभियान से स्वतंत्रता संग्राम में जान न्यौछावर करने वाले ऐसे अनेक शहीदों का योगदान सामने आया है जिनका नाम उनके गांव वालों ने भी भूला दिया था। देश भर में शहीदों के परिवारों को सम्मानित कर सम्बन्धित गांव में शहीदों के नाम शिलाफलकम पर लिखे गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत युवा स्वयंसेवकों ने अपने गांव और शहीदों के घर से एक चुटकी मिट्टी व पौधे एकत्रित किए हैं। देश भर से मिट्टी केे 7500 कलशों में लाई गई मिट्टी से दिल्ली में अमृत वाटिका का निर्माण होगा। पौधों कोे शहीद वाटिका में लगाया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियांे कोे राष्ट्र सेवा में शहीदों के बलिदान से अवगत करवाया जा सके।
श्री शुक्ल ने कहा कि देशहित सर्वोपरि है। समाज के प्रत्येक वर्ग का कर्त्तव्य है कि वह देश की रक्षा में तैनात सैनिकों का सम्मान करे। उन्होंने बर्फीले व कठिन क्षेत्रों में देश की सीमा पर तैनात आई.टी.बी.पी. के जवानों द्वारा दी जा रही सेवाओं के लिए उनका आभार प्रकट किया।  
इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रदेश के सभी गांवों, शहरी निकायों तथा      आई.टी.बी.पी. के जवानों द्वारा प्रदेश के विभिन्न 10 दर्रों से एकत्रित मिट्टी के कलशों को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना किया।
उन्होंने दिल्ली जाने वाले नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवकों को दिल्ली रवाना करते हुए कहा कि वे हिमाचल प्रदेश के गौरव को बनाये रखने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वे याद रखें कि उनका सम्बन्ध ऐसे प्रदेश से है जिसे मेजर सोमनाथ की शहादत पर देश के पहले परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
राज्यपाल ने उपस्थित जनसमूह को भारत को विकसित देश बनाने में अपनी सहभागिता दर्ज करवाने की शपथ भी दिलवाई।
निदेशक नेहरू युवा कंेद्र ईरा प्रभात ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा प्रदेश में नेहरू युवा केंद्र की उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा दिया। कमांडैंट केंद्रीय सीमा सुरक्षा बल केदार रावत ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप, सचिव, शिक्षा राकेश कंवर, राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा तथा डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति राजेश्वर चंदेल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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