कमाई में आगे पटवार वृत, सुविधाओं में पीछे क्यों?
पालमपुर,रिपोर्ट नेहा धीमान
राजस्व विभाग की सबसे छोटी इकाई पटवार सर्कल जो कि दूध देने वाली गाय की तरह सरकार को राजस्व कमा कर देती है। फिर इन पटवार कार्यालयों के भवनों की इतनी बुरी दुर्दशा क्यों ? यह प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा अक्सर ये भवन विभाग के कथित निकम्मेपन अर्थात सरकार की निरन्तर वेरुखी पर आंसू वहा रहे हैं ।
यहाँ तक कि कई पटवार कार्यालयों में शौचालय तक नहीं है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहाँ महिला पटवारी को कितनी मुश्किल का सामना करना पड़ता होगा । पूर्व विधायक ने कहा यही नहीं रोजाना पटवारी महोदय की दिनचर्या के चलते अनेकों प्रमाण पत्रों की तसदीक व कई जमीनी मामलों को लेकर अक्सर पटवार कार्यालयों में जनता की आवाजाही रहती है। यहाँ प्रत्यक्ष दर्शी के तोर पर इन पटवार कार्यालयों की हालत यह है कि भवनों की मुरम्मत तो दूर यहाँ चार लोगों को बैठाने के लिए पटवारी साहब के पास कुर्सियां तक नहीं होती । पूर्व विधायक ने तथ्यों से अवगत करवाते हुए कहा जय राम सरकार की तुलना में सुक्खू सरकार ने राजस्व शुल्क से लेकर स्टाम ड्यूटी तक अंधाधुंध बढोत्तरी की है ।
इसके अतिरिक्त किसी भी घटना एवं प्राकृतिक आपदा की प्रथम दृष्टया रिपोर्ट पटवारी की ही कलम से लिखी जाती है। तव जाकर ही प्रभावित पक्ष को आर्थिक राहत मिलती है। पूर्व विधायक ने राजस्व मन्त्री श्री जगत सिंह नेगी का ध्यान इन पटवार वृतों की बेहद खस्ता हालत की ओर दिलाते हुए कहा कि ऐसे में जर्जर भवन की मार झेल रहे इन पटवार भवनों की मुरम्मत की रिपोर्ट कोन करेगा । कुल मिलाकर पूर्व विधायक ने मन्त्री महोदय को इन पटवार कार्यालयों की व्यथा कहीं दरवाजे तो कहीं खिड़कियाँ , कहीं पलस्तर तो कहीं शिशे टूटे हुए हैं । ऎसे व्यवस्था परिवर्तन पर सरकार को घेरते हुए पूर्व विधायक ने कहा प्रायः मन्त्री महोदय कोई न कोई कथित टिप्पणी करके अपने नाम की सुर्ख़ियां बटोरने के बजाए सबसे पहले अपने घर की ऐसी दुर्दशा को सुधारें ।

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