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शिमला-धर्मशाला हाईवे पर फिर लगाए पत्थर, रेहड़ी और चूल्हा

                                                   अब परेशानी बनने लगा मंगरोट भूमि विवाद

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

शिमला-धर्मशाला हाईवे पर मंगरोट में भूमि विवाद अब लोगों के लिए परेशानी बनता जा रहा है। हाईवे की आठ बिस्वा भूमि पर दावा करने वाले व्यक्ति ने बुधवार सुबह ही फिर से वहां पत्थर, रेहड़ी और चूल्हा लगा दिया। मंगलवार को भी व्यक्ति ने हाईवे की लेन को बाधित किया था। हालांकि  एसडीएम सदर अभिषेक कुमार गर्ग ने राजनकांत शर्मा को हाईवे को अवरुद्ध करने के लिए धारा एक नोटिस भी जारी किया है।

 नोटिस में हाईवे को खाली करने और जवाब दायर करने को कहा है। लेकिन रजनकांत ने बुधवार को फिर से हाईवे पर रेहड़ी, पत्थर और चूल्हा लगा दिया।भूमि को अपना बताने वाले राजनकांत ने दावा किया है कि प्रशासन ने उसे पहले शहर में किसान भवन के पास खोखा लगाने की अनुमति थी, लेकिन अब उसे हटाने को कहा। इस कारण उसे मंगरोट में अपनी भूमि पर कब्जा करना पड़ा है। 

बता दें कि दिसंबर 2022 में उच्च न्यायालय के आदेश पर मंगरोट में हाईवे के किनारे से राजन कांत शर्मा का खोखा हटाया गया था। इसके बाद से ही भूमि विवाद शुरू हो गया। राजनकांत शर्मा ने तब राजमार्ग उसकी भूमि से होकर गुजरने का दावा किया था और उस पर खोखा लगा दिया, जिसे हटाने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। मामले में कोई परिणाम नहीं निकला, इस पर राजनकांत ने मार्च माह में फिर से खोखा लगा दिया। तब प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निशानदेही के आश्वासन पर राजनकांत ने खोखा हटाया था।इसके बाद निशानदेही की गई, जिसमें राजमार्ग की आठ बिस्वा भूमि निजी पाई गई। लेकिन यह भूमि राजनकांत को नहीं मिली। लोक निर्माण विभाग फिर से निशानदेही कराने की बात कर रहा है जबकि राजनकांत भूमि वापस करने या रोजगार के लिए किसी और जगह भूमि देने की मांग कर रहा है।



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