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कंगना के सामने विक्रमादित्य के आने से पहले हिमाचल की मंडी सीट पर चढ़ा सियासी उत्साह

            विक्रमादित्य ने हिमाचल की मंडी सीट से कंगना के सामने आने से पहले सियासी पारा चढ़ाया

शिमला , ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने अभी तक मंडी संसदीय सीट से मंत्री विक्रमादित्य सिंह को लोकसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, लेकिन कंगना रणौत और विक्रमादित्य सिंह के बीच मुकाबला होने की अटकलों ने प्रदेश में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। 


मंडी संसदीय क्षेत्र में बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत ने चुनाव मैदान में प्रवेश किया है, जो इस क्षेत्र की सबसे लोकप्रिय सीट बन गई है। देश भर में यहां होने वाले लोकसभा चुनाव की चर्चा हो रही है। कांग्रेस और भाजपा के समर्थकों ने भी सीटों पर जीत दर्ज करने की कोशिश की है। प्रत्याशियों के चुनावी रण में उतरने से पहले, फेसबुक और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर आरोप-प्रत्यारोप की बहस शुरू हो गई है। 


अब कंगना और विक्रमादित्य सिंह के नवीनतम और पुराने अपडेट्स सोशल मीडिया पर ट्रोल होने लगे हैं। कांग्रेस ने इस सप्ताह विक्रमादित्य को प्रत्याशी घोषित करने की संभावना है, इससे 15 अप्रैल के बाद राज्य में गर्मी बढ़ने के साथ-साथ मंडी के रण में भी उबाल आने लगेगा। जिला मंडी के सरकाघाट क्षेत्र में भांबला गांव की रहने वाली कंगना रणौत ने भी पिछले दिनों चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। 


पहले, उन्होंने संसदीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों में घूमकर खुद को हिमाचल और मंडी की बेटी बताते हुए कई जिलों में अपने संबंधों का उल्लेख करके जनता को उत्साहित किया है। भाजपा के कई विधायक और पूर्व मंत्री, जैसे नेता विपक्ष जयराम ठाकुर, चुनाव प्रचार में कंगना की ढाल बन गए हैं। भाजपा के अलावा कंगना में भी आईटी टीम है। टीमों ने कंगना को सोशल मीडिया पर प्रोजेक्ट करना शुरू कर दिया है। कंगना इन दिनों अपने निजी व्यय से मुंबई गई हैं। 


कंगना इस हफ्ते मंडी वापस लौटकर अपने चुनाव प्रचार को और मजबूत करेगी। कांग्रेस ने भी विक्रमादित्य सिंह को मंडी संसदीय सीट का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। विक्रमादित्य ने पिछले दिनों मंडी में एक बैठक में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी चर्चा की है। वर्तमान में विक्रमादित्य सिंह की माता प्रतिभा सिंह मंडी से सांसद हैं। बीते एक साल में विक्रमादित्य सिंह मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में काफी सक्रिय रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी विक्रमादित्य सिंह को इसी संसदीय क्षेत्र में प्रदेश सरकार के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में नियुक्त किया है। 

मंडी के छह बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह भी तीन बार सांसद रहे हैं। विक्रमादित्य सिंह का पैतृक घर भी इसी संसदीय क्षेत्र के तहत रामपुर विधानसभा क्षेत्र में है। फिल्मनगरी ने भाजपा प्रत्याशी और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत को क्वीन का नाम दिया है। देश-विदेश में कंगना को सिर्फ क्वीन कहा जाता है। वीरभद्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री, ने राज्याभिषेक किया। वे बुशहर रियायत का 123वां राजा हैं। आज भी, प्रदेश के लोग विक्रमादित्य को टिक्का या राजा कहकर ही बुलाते हैं। किंतु विक्रमादित्य ने खुद सार्वजनिक तौर पर कई बार कहा है कि उन्हें इन नामों से न पुकारे जाएं।

 मंडी संसदीय सीट राज्य के छह जिलों मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला और चंबा के 17 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। इसमें मंडी जिले के सभी नौ विधानसभा क्षेत्र, कुल्लू के सभी चार क्षेत्र, किन्नौर, लाहौल-स्पीति सहित शिमला जिला का रामपुर और चंबा जिला का भरमौर शामिल हैं, सिवाय धर्मपुर के। वर्तमान में इन 17 विधानसभा क्षेत्रों में से 12 में भाजपा के विधायक हैं, जबकि चार में कांग्रेस के विधायक हैं। यहां विधानसभा का उपचुनाव हो रहा है क्योंकि लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर को अयोग्य घोषित किया गया है।

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