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नाशपती की पेटियां न खरीदने पर बागवानों ने किया प्रदर्शन

                                          जगत सिंह नेगी के हस्तक्षेप के बाद बागवानों का माल बिका

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

ठियोग की पराला फल मंडी में सोमवार को पुराने कार्टन (टेलिस्कोपिक) में नाशपती की पेटियां न खरीदने पर बागवानों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान मंडी में फसल लेकर पहुंचे सभी बागवानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के हस्तक्षेप के बाद बागवानों का माल बिका। सोमवार को मंडी में कोटखाई, बलसन और चौपाल क्षेत्र से पुराने कार्टन में नाशपाती की करीब 100 पेटियां बिकने के लिए आई थीं। 

इसे आढ़तियों ने खरीदने से मना कर दिया। ऐसे में फसल लेकर आए बागवान भड़क गए, और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। बागवानों का कहना है कि यूनिवर्सल कार्टन कहीं भी नहीं मिल रहा है और फसल तुड़ान शुरू हो गया।तहसील चौपाल की देवठ पंचायत के केवल राम भाक्टा ने कहा कि हमारे पास पुराने कार्टन की करीब 250 पेटियां बची हुई हैं। पूरे चौपाल में पूरे बाजार में कहीं भी नया कार्टन नहीं मिल रहा है। ठियोग के देवराज शर्मा ने बताया कि पहले ही मौसम की मार से फसल खराब हो गई है। पूरे ठियोग में कहीं भी नया कार्टन नहीं मिल रहा है।मंडी में पहुंचे भोंट क्षेत्र के बागवान राकेश चंदेल ने बताया कि पुराने कार्टन में लाए माल को लेकर बिना बेचे वापस भेज रहे हैं।

बागवानों का कहना है कि सरकार अभी शुरूआती सीजन में बागवानों के पास बचे हुए पुराने कार्टन में सेब और नाशपती खरीदने के आदेश दें या फिर जल्द से जल्द सभी विक्रय केंद्रों पर नए कार्टन उपलब्ध करवाएं। बागवानों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी न करके सरकार उन्हें आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर कर रही है।पराला मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान हरीश चौहान ने बताया कि मंडी पहुंचते ही जैसे उन्होंने पुराने कार्टन में नाशपाती की पेटियां देखीं तो उन्होंने उन्हें खरीदने से इंकार कर दिया। बागवानी मंत्री ने कुछ ही दिनों तक नाशपाती को पुराने कार्टन में खरीदने के लिए कहा था। इसके बाद बागवान ने मंत्री से बात की और केवल नाशपाती को पुराने कार्टन में खरीदने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने वह माल खरीद लिया। एपीएमसी के अधिकारी हंगामे की सूचना मिलते ही वहां पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया।





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