धर्मशाला स्थित केन्द्रीय विद्यालय के नाम में बदलाव की अटकलें तेज
पालमपुर,रिपोर्ट नेहा धीमान
यह प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए समाज सेवा में समर्पित इन्साफ संस्था के अध्यक्ष एवं पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा भारतवर्ष के महामहिम उप राष्ट्रपति श्री सी पी राधाकृष्णन महोदय द्वारा धर्मशाला में केन्द्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के उपरान्त यह चर्चा युद्ध स्तर पर छिड़ गई है कि जिस तरह हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा की पहचान धर्मशाला मुख्यालय से है। क्या अव इसी तरह केन्द्रीय विश्वविद्यालय की पहचान भी धर्मशाला स्थित देहरा के नाम से होगी।
पूर्व विधायक ने कहा यह सर्वविदित है कि इस केन्द्रीय विश्वविद्यालय की घोषणा धर्मशाला के नाम पर हुई है ओर इसमें तनिक भी सन्देह नहीं कि तत्कालीन बतौर विधायक , मन्त्री एवं सांसद श्री किशन कपूर जी ने व वर्तमान विधायक एवं तत्कालीन मन्त्री श्री सुधीर वनशर्मा जी ने जदरांगल में इस विश्वविद्यालय के लिए भूमि हस्तांतरण हेतु एडी चोटी का जोर लगाया था । हालांकि जियोलोजी सर्वे रिपोर्ट एवं भूमि चयन को लेकर कई इफ एण्ड बटस व रूकावटों का इन नेताओं द्वारा दृढ़ता से सामना किया । अव प्राप्त जानकारी के मुताबिक जदरांगल में केन्द्रीय विश्वविद्यालय के नाम भूमि का हस्तांतरण हो चुका है। इस एवज में आगामी औपचारिकताएं पूर्ण करने हेतु प्रदेश सरकार ने केवल 30 करोड़ जमा करवाने है।
पूर्व विधायक ने कहा रोचक विषय यह है कि एक तरफ धर्मशाला के नाम इसी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के देहरा में करोड़ो रुपये के निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चले हुए हैं। जबकि दूसरी तरफ प्रदेश सरकार धर्मशाला स्थित जदरांगल में सी यू कॉम्पलेक्स का 30 करोड़ जमा नहीं करवा पा रही है। पूर्व विधायक ने कहा जाहिर है देहरा से माननीय मुख्यमंत्री जी की धर्मपत्नी विधायक है। ऐसे में स्वभाविक है कि देहरा , ज्वालामुखी व जसंवा परागपुर के माननीय विधायकों की प्राथमिकता सी यू को लेकर देहरा में ही होगी । लेकिन जिला कांगड़ा के बाकी सभी सत्ताधारी विधायक जो यह ढिंढोरा पीटते नहीं थकते कि यह केन्द्रीय विश्वविद्यालय पूर्व प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह जी की देन है तो फिर जदरांगल में प्रस्तावित सी यू के 30 करोड़ जमा करवाने के लिए क्यों नहीं धरना देते ओर सरकार पर दबाव बनाते ।

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