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पेखुबेला प्रोजेक्ट में कंपनी को लाभ देने के लिए विमल पर बनाया दबाव

                                          परियोजना में गंभीर अनियमितताओं की ओर से इशारा किया गया

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल हाईकोर्ट में सौंपी गई अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा और डीजीपी अतुल वर्मा की रिपोर्ट में पेखुबेला सौर ऊर्जा परियोजना में कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए षड्यंत्र रचने का भी खुलासा हुआ है। 

रिपोर्ट के अनुसार, चीफ इंजीनियर विमल नेगी पर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए लगातार दबाव डाला गया था। परियोजना में गंभीर अनियमितताओं की ओर से इशारा किया गया है। रिपोर्ट में पेखुबेला प्रोजेक्ट मामले की जांच किसी विशेषज्ञ या स्वतंत्र एजेंसी से करवाने की सिफारिश भी की गई है।हाईकोर्ट के फैसले में भी इसका हवाला दिया गया है। इस रिपोर्ट में एक्सटेंशन ऑफ टाइम (ईओटी) कमेटी के हवाले से बताया गया है कि विमल नेगी को कंपनी की ओर से देरी के दिवसों को 45 से घटाकर 23 दिन करने के लिए मजबूर किया गया। इस दौरान उन्हें आप प्रॉब्लम में आ जाओगे... जैसी धमकियां भी दी थीं। 


रिपोर्ट में यह उल्लेख है कि देसराज समिति के सदस्य न होने के बावजूद हस्तक्षेप कर रहे थे। बयानों में कहा है कि विमल नेगी पर परियोजना का राजस्व अनुमान 19 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ करने का दबाव डाला।नेगी पर कंपनी को 10 फीसदी भुगतान जारी करने के लिए लगातार दबाव डाला जा रहा था, जबकि ईओटी को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की ओर से अनुमोदित नहीं किया था। रिपोर्ट के अनुसार दो अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर कंपनी को 10 फीसदी भुगतान जारी करने के लिए साजिश रची गई। रिपोर्ट में पावर कॉरपोरेशन में कुप्रबंधन और वित्तीय गड़बड़ी, कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने और विभिन्न समितियों पर अफसरों की ओर से दबाव डालने का उल्लेख है।




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