नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को दिया अंजाम
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
शोघी में देर रात नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने शिमला पुलिस के कांस्टेबल समेत तीन लोगों को 9.480 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। एसआईयू की टीम ने सूचना के आधार पर रात दो बजे के करीब वाहन की तलाशी के दौरान तीनों को पकड़ा। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
आरोपियों में नरेश कुमार निवासी गांच चाड़ना सिरमौर, राहुल कुमार निवासी जुन्गा और गौरव भारद्वाज निवासी जोगिंद्रनगर मंडी शामिल हैं। इसमें राहुल पुलिस महकमे में कांस्टेबल है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक एसआईयू की टीम को सूचना मिली थी कि एक गाड़ी में चिट्टा लाया जा रहा है। इसी आधार पर स्पेशल जांच सेल की टीम ने 21 और 22 जनवरी की दरमियानी रात को शोघी में नाकाबंदी की। सोलन की तरफ से आ रहे वाहनों को नियमित जांच के लिए रोका जा रहा था।इस दौरान एक एप्लाइड फाॅर गाड़ी को शक के आधार पर जांच के लिए रोका। पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली तो आरोपियों के कब्जे से 9.480 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। इसके बाद आगामी कार्रवाई के लिए मामला थाना बालूगंज के सुपुर्द किया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत केस दर्जकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। शिमला पुलिस चिट्टे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए चलाए विशेष अभियान में अब तक छह पुलिस कर्मचारियों को भी पकड़ चुकी है। इसमें पंजाब पुलिस ने दो कर्मी भी शामिल हैं। अब पुलिस इस बात की छानबीन में जुटी है कि आरोपी चिट्टा कहां से लेकर आए थे।जिले में चिट्टे के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस अभी तक 28 सरकारी कर्मचारियों को पकड़ चुकी है। इसमें डॉक्टर, बैंक अधिकारी, पुलिस कर्मी, शिक्षा विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। इसमें 27 कर्मचारियों की सूची शिमला पुलिस प्रदेश सरकार को आगामी कार्रवाई के लिए भेज चुकी है।
सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों का चिट्टा तस्करी के मामलों में पकड़े जाना प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है। इससे पता चलता है कि नशे की लत का यह जाल कितने बड़े स्तर पर युवाओं को प्रभावित कर रहा है। नशे की लत के आदी होकर युवा आपराधिक घटनाओं को भी अंजाम दे रहे हैं।नशे के खिलाफ पुलिस विभाग की कड़ी कार्रवाई के साथ ही प्रदेश सरकार भी ऐसे मामलों में सख्ती बरत रही है, जिससे नशा तस्करी के इस नेटवर्क को किसी तरह से तोड़ा जा सके। बड़े पैमाने पर सरकारी कर्मचारियों की चिट्टे से जुड़े मामलों में संलिप्तता को देखते हुए हाल ही में प्रदेश सरकार ने चिट्टा तस्करी में शामिल 11 पुलिस कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। इन कर्मचारियों के खिलाफ यह कार्रवाई सरकार की चिट्टा और नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2) (बी) के तहत की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि चिट्टा तस्करी में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इसको लेकर सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि कि चिट्टे की तस्करी में शामिल सभी कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्य सचिव को शीघ्र भेजें। उन्होंने कर्मचारियों की नशा तस्करी से अर्जित संपत्ति की रिपोर्ट भी सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं।शिमला पुलिस ने शोघी में नाकाबंदी के दौरान 9.480 ग्राम चिट्टे के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक शिमला पुलिस का कांस्टेबल भी है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

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