पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद नशा तस्कर सक्रिय, युवाओं का भविष्य दांव पर
चम्बा,ब्यूरो रिपोर्ट
जिले में नशीली दवाइयों का अवैध कारोबार बंद होने का नाम नहीं ले रहा है। कभी स्थानीय केमिस्ट युवाओं को नशीली दवाइयां बेचते हुए पाए जा रहे हैं तो कभी ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां युवाओं को अवैध तरीके से दवाइयां बेच रही हैं। इसके प्रमाण पिछले कुछ महीनों में सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमों ने ऑनलाइन आने वाले पार्सलों में नशीली दवाइयों को पकड़ा। डाक विभाग से आने वाले कुरियरों में भी नशीली दवाइयों की सप्लाई का भंडाफोड़ हुआ। अभी विभाग एक दवा कंपनी पर शिकंजा कसने की तैयारी करता ही है तो दूसरी कंपनी जिले के युवाओं को नशीली दवाइयां बेचना शुरू कर देती है। ऐसे में विभाग के लिए ऑनलाइन दवाई बेचने वाली कंपनियों पर शिकंजा कसना मुश्किल हो गया है। पांच से अधिक फार्मेसी कंपनियों को विभाग नोटिस भी जारी कर चुका है। इसमें उन्हें यह हिदायत दी गई है कि वे डॉक्टर की पर्ची के बिना किसी को भी ऑनलाइन दवाई न बेचें।
इसमें कुछ कंपनियों ने अमल करना भी शुरू कर दिया है।इसके अलावा एक दवा कंपनी को जिले में नशीली दवाइयां बेचने के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। इस पर कंपनी ने ऑनलाइन चंबा जिले के पिन कोड पर दवाइयों की नोट डिलीवरी का मार्क लगा दिया है। एक दिन पहले भी दवा निरीक्षक व एसआईयू की संयुक्त छापामारी के बाद एक व्यक्ति और नाबालिग को 150 प्रतिबंधित कैप्सूल और टेबलेट के साथ दबोचा गया। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम भारद्वाज ने बताया कि ऑनलाइन अवैध तरीके से नशीली दवाइयां बेचने वाली कंपनियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। आने वाले समय में इस अवैध कारोबार को पूरी तरह से बंद करवाया जाएगा।

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