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पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग: रेल बहाली में फिर छली गई कांगड़ा की पंचायतें

           रेल बहाली के नाम पर वादाखिलाफी, कांगड़ा की आधा दर्जन पंचायतों को नहीं मिला लाभ

काँगड़ा,रिपोर्ट राजेश कतनौरिया 

पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर पठानकोट से रेलगाड़ियों की बहाली पर एक बार फिर जिला कांगड़ा की आधा दर्जन पंचायतों की जनता को दगा ही मिला है। एक बार फिर से तारीख देकर जनता को ठगा गया। पिछले करीबन तीन साल से इस रेलमार्ग पर रेलगाड़ियां बंद पड़ी हैं तथा हाल ही में चक्की पुल का ट्रायल करके रेल विभाग के आलाधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि 26जनवरी से रेलगाड़ियों की बहाली हो जाएगी यानी सात रेलगाड़ियां अप व सात रेलगाड़ियां डाउन की तरफ चलेंगी। 

26जनवरी को जिला कांग की जनता बेसब्री से रेलगाड़ियों की बहाली का इंतजार करती रही लेकिन रेलगाड़ियों के दर्शन नहीं हुए। पिछले दो सालों से रेलगाड़ियों की बहाली के नाम पर तारीख पर तारीख ही मिल रही है जबकि रेलगाड़ियों की बहाली नहीं हो पाई है। जिला कांगड़ा के अंतर्गत विस क्षेत्र नूरपुर, ज्वाली, फतेहपुर, इंदौरा, देहरा, शाहपुर, ज्वालामुखी, कांगड़ा, नगरोटा बगवा, सुलह, पालमपुर, बैजनाथ  जोगिंद्रनगर की जनता आवाजाही के लिए रेल के माध्यम से आवागमन के लिए निर्भर है। उक्त विस क्षेत्रों की जनता ने कहा कि केंद्र सरकार व रेल मंत्रालय इस रेलमार्ग को भूल गए हैं। यह रेलमार्ग मात्र लोकसभा चुनाव में मुद्दा बनकर रह गया है। चुनावों में इसे ब्रॉडगेज करने का दावा किया जाता है परंतु ब्रॉडगेज तो दूर नैरोगेज को भी ठीक नहीं करवाया जाता है। 

पंचायत ढन की प्रधान बीना देवी, नरगाला के प्रधान शिव धीमान, पलौहड़ा के प्रधान रघुवीर सिंह भाटिया, हरसर पंचायत के पूर्व प्रधान देश राज, पूर्व प्रधान हाकम सिंह, भरमाड़ के प्रधान सुशील कुमार, लुधियाड़ की पूर्व प्रधान प्रवीणा देवी, मतलाहड़ के प्रधान अश्विनी चौधरी इत्यादि ने कहा कि रेलगाड़ियां बंद होने से गरीब जनता परेशान है लेकिन रेल विभाग तारीख पर तारीख डालकर रेलगाड़ियों की आवाजाही को बहाल करने की बजाए टाल रहा है। उन्होंने कहा कि लगता है कि रेल विभाग बरसात शुरू होने का इंतजार कर रहा है क्योंकि बरसात में रेलगाड़ियों की आवाजाही को बंद कर दिया जाता है। पंचायत प्रतिनिधियों सहित जनता ने केंद्र सरकार व रेल विभाग से मांग की है कि रेलगाड़ियों की आवाजाही जल्द सुचारू की जाए ताकि जनता आसानी से आवागमन कर सके। 

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