राज्य पर बढ़ेगा कर्ज का बोझ, 1030 करोड़ उधार लेने की मंजूरी
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश सरकार 1,030 करोड़ रुपये और कर्ज लेगी। वित्त विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह कर्ज 20 वर्ष की अवधि के लिए सरकारी प्रतिभूतियों के माध्यम से लिया जाएगा।
कर्ज की राशि का उपयोग प्रदेश में चल रही प्रस्तावित विकास योजनाओं, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में राज्य सरकार पर कर्ज एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कर्ज को जारी करने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक अनुमति संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत ली गई है। विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने और वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए दीर्घकालिक संसाधन जुटाना जरूरी है। इसके लिए प्रतिभूतियों की नीलामी 2 मार्च 2026 को आरबीआई के मुंबई स्थित कार्यालय के माध्यम से की जाएगी।
नीलामी उपज आधारित बहुमूल्य पद्धति से होगी, जिसमें निर्धारित न्यूनतम स्वीकृत उपज के आधार पर ब्याज दर तय की जाएगी। प्रतिस्पर्धी और गैर प्रतिस्पर्धी दोनों प्रकार की बोलियां निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन आमंत्रित की जाएंगी। सफल बोलीदाताओं को 4 मार्च 2026 को बैंकिंग समय समाप्त होने से पूर्व भुगतान करना होगा। प्रतिभूतियों की अवधि 4 मार्च से प्रारंभ होकर 4 मार्च 2046 तक रहेगी। इन प्रतिभूतियों पर ब्याज का भुगतान वर्ष में दो बार 4 सितंबर और 4 मार्च को किया जाएगा। नीलामी में निर्धारित दर ही पूरी अवधि के लिए लागू रहेगी।


0 Comments