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वित्तीय अनुशासन से हिमाचल को संकट से बचाया : सीएम सुक्खू

                             श्रीलंका जैसे हालात नहीं बनने दिए, सरकार के सख्त फैसलों का असर

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने वित्तीय अनुशासन से हिमाचल प्रदेश में श्रीलंका जैसे आर्थिक हालात पैदा नहीं होने दिए। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को 54,000 करोड़ रुपए राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) और 16 हजार करोड़ रुपए जीएसटी क्षतिपूर्ति भरपाई के मिले।

इसके बावजूद पूर्व सरकार ने न तो प्रदेश का कर्ज कम किया और न ही अधिकारी व कर्मचारियों को नए वेतन आयोग का बकाया एरियर का भुगतान किया।इसके विपरीत वर्तमान कांग्रेस सरकार को आरडीजी के सिर्फ 17,000 करोड़ रुपए मिले। ऐसे में भाजपा के सभी पूर्व मुख्यमंत्री बताएं कि क्या 70,000 करोड़ रुपए पाने वाली सरकार ने फिजूलखर्ची की या फिर वर्तमान कांग्रेस सरकार ने 17,000 करोड़ रुपए से काम चलाकर वित्तीय अनुशासन को अपनाया? मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू नई दिल्ली से शिमला लौटने के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरडीजी पहाड़ी राज्यों एवं नार्थ-ईस्ट स्टेट का संवैधानिक अधिकार है और इस पर सरकार का पक्ष रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल और सांसदों को भी उन पर निशाना बनाने की बजाय प्रधानमंत्री से मिलकर राज्य का पक्ष रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने 17,000 करोड़ रुपए से 70 वर्ष से ऊपर आयु के पैंशनर्ज को बकाया एरियर का पूरा भुगतान करने के अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 70 फीसदी एरियर का भुगतान कर दिया है। इससे स्पष्ट है कि पूर्व भाजपा सरकार ने फिजूलखर्ची की। यदि पूर्व सरकार फिजूलखर्ची न करती तो राज्य का 40,000 करोड़ रुपए कर्ज का भुगतान कर सकती थी।

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