अब हाई बीम पर नहीं मिलेगी छूट, नियम तोड़ने वालों का कटेगा चालान
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हाई बीम लाइट का गलत इस्तेमाल अब वाहन चालकों को भारी पड़ सकता है। हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने हाई बीम के दुरुपयोग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। चंडीगढ़ और दिल्ली की तर्ज पर अब प्रदेश में भी हाई बीम के गलत इस्तेमाल को डेंजरस ड्राइविंग की श्रेणी में माना जाएगा और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया जाएगा।
पुलिस विभाग के अनुसार पहाड़ी और घुमावदार सड़कों पर हाई बीम सामने से आने वाले वाहन चालकों को कुछ देर के लिए दिखना बंद हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खासकर रात के समय हाई बीम का प्रयोग जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में न केवल सामने वाले वाहन बल्कि पैदल यात्रियों और दोपहिया चालकों की जान भी जोखिम में पड़ जाती है।पीएचक्यू ने जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे ट्रैफिक चेकिंग के दौरान हाई बीम के दुरुपयोग पर विशेष नजर रखें। पहाड़ी सड़कों पर लो बीम को सुरक्षित विकल्प बताते हुए पुलिस ने वाहन चालकों से नियमों का पालन करने की अपील की है।
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हाई बीम के गलत इस्तेमाल पर 1000 से 5000 रुपये तक जुर्माना, लाइसेंस सस्पेंड और दोबारा उल्लंघन की स्थिति में सख्त दंड का प्रावधान है। प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा है कि हाई बीम का गलत इस्तेमाल सीधे तौर पर डेंजरस ड्राइविंग है। इससे जान का खतरा होता है। हिमाचल में अब ऐसे मामलों में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।रात के समय कार चलाते हैं तो हाई बीम की जगह कार की लाइट की सेटिंग को लो बीम पर रखना चाहिए। इससे न सिर्फ आपको अपनी जरुरत के लिए रोशनी मिलती है बल्कि इससे सामने से आ रहे वाहन के ड्राइवर को भी सुरक्षित सफर करने में आसानी होती है।

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